सहारनपुर। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। भुगतान को लेकर किसान संगठन कई बार आंदोलन कर चुके है। बावजूद इसके किसानों को उनका भुगतान नहीं मिल रहा है। किसानों को गत पेराई सत्र का भी भुगतान अभी तक नहीं मिला है, जबकि मौजूदा सत्र का भुगतान भी शुगर मिल समय से जारी नहीं कर रही है। अमर उजाला ने अभियान के जरिए किसानों की पीड़ा का प्रमुखता से उठाते हुए प्रयास किया है। अभियान में बताया जाएगा कि किस शुगर मिल ने किसानों का कितना भुगतान दबा रखा है।
जनपद की चार चीनी मिलों पर किसानों का गत पेराई सत्र के लगभग 241 करोड रुपये बकाया हैं। इनमें सबसे अधिक करीब 116 करोड़ रुपये गांगनौली शुगर मिल पर बकाया हैं। इसके अलावा मिल पर करीब 43 करोड़ रुपये मौजूदा पेराई सत्र के भी बकाया हो गए हैं।
जिले की छह चीनी मिलों से मात्र दो ने ही गत सीजन में खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान किया है, जबकि गांगनौली, गागलहेड़ी, नानौता और सरसावा चीनी मिलों पर अभी भी गत सीजन का गन्ना मूल्य बकाया है। इन्होंने इस वर्ष का भुगतान करना भी शुरू नहीं किया है। इसमें सबसे अधिक बकाया गांगनौली स्थित बजाज शुगर मिल पर हैं। गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मिल ने अभी तक गत वर्ष की 26 जनवरी तक खरीदे गए गन्ने का ही भुगतान किया है। मिल पर अभी गत सीजन का 116 करोड रुपये बकाया हैं। इसके अलावा इस सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भी करीब 43 करोड़ रुपये हो गया है।
जल्द करेंगे पूरा बकाया भुगतान
शुगर मिल चीनी की बिक्री में तेजी लाकर जल्द पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करेगी। इसके लिए चीनी की सेल बढ़ाई जा रही है। जल्द ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाएगा। -- अनिल चौहान, महाप्रबंधक (गन्ना) बजाज शुगर मिल गांगनौली।
गांगनौली चीनी मिल के प्रबंधन को जल्द ही कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) बनवाने के लिए कहा गया है। जिससे किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। उम्मीद है कि मिल शीघ्र ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर देगी। -- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी , जिला गन्ना अधिकारी।
किसान बोले-
-नागल क्षेत्र के गांव इसाकपुर निवासी किसान शिवकुमार दीक्षित का कहना है मिल ने पिछले पेराई सत्र का भी पूरा भुगतान नहीं किया है। इसके चलते आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। यदि घर में कोई बीमार हो जाए तो दवाई लाने के लिए सोचना पड़ता है।
-चहरौली निवासी अकरम का कहना है कि किसान तो आर्थिक रूप से कमजोर होते ही हैं। रही सही कसर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से पूरी हो गई है। उन्हें घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
-गांव फतेहपुर कलां निवासी मनीष मलिक का कहना है कि उनके परिवार में शादी है। लेकिन बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से शादी के लिए सामान खरीदने के लिए पैसे जुटाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में उसे साहूकार का ही सहारा लेना पडे़गा।
-गांव पनियाली कासिमपुर निवासी किसान पवित्र सिंह का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होना क्षेत्र के किसानों का दुर्भाग्य है, जबकि पड़ोस की देवबंद चीनी मिल ने किसानों का गत सीजन का पूरा गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है। रोजमर्रा के खर्च चलाने में भी परेशानी हो रही है।
आंकड़ों की नजर में गांगनौली चीनी मिल
गन्ना आपूर्तिकर्ता किसान -- 23212
गन्ना क्षेत्रफल ---- 18326 हेक्टेयर
मिल के क्रय केंद्र --- 80
मिल की पेराई क्षमता -- 9000 टीसीडी
नोट: गन्ना विभाग के 10 दिसंबर के आंकडों के अनुसार।
किसान पवित्र सिंह- फोटो : SAHARANPUR
किसान शिव कुमार- फोटो : SAHARANPUR
चीनी मिल- फोटो : SAHARANPUR