नानौता(सहारनपुर)। नानौता क्षेत्र में कृष्णी नदी के ऊपर से गुजर रहा गंगनगर का पुल एक किनारे से अचानक धंस गया। गंगनहर के पानी के बहाव से भनेड़ा खेमचंद व शामली के चंदेना माल गांव के किसानों की हजारों बीघा जमीन में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं।
नानौता क्षेत्र के गांव भनेड़ा खेमचंद के पास से बह रही कृष्णी नदी के ऊपर से गंगनहर को निकाला गया है। इसका करीब 200 मीटर लंबा पुल बना हुआ है। शनिवार शाम गंगनहर का पुल अचानक किनारों से धंसने लगा। इसके चलते गंगनहर का पानी पहले कृष्णी नदी में गिरने लगा। फिर गंगनहर से तेज बहाव के कारण पानी मिट्टी व नहर की पटरी का कटाव करते हुए ग्रामीणों के खेतों की ओर बहने लगा। पानी के अत्यधिक बहाव के कारण ग्रामीणों की हजारों बीघा से अधिक धान, गन्ना और अन्य फसलें पानी में डूब गईं। पुल धंसने के बाद से पानी का बहाव लगातार जारी है। पुल धंसने से ग्रामीण सोमपाल, शिवचरण, विक्रम सिंह, कर्मवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, जगबीर सिंह आदि की फसलें जलमग्न हुई हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और सिंचाई विभाग से पानी बंद कराने के लिए संपर्क किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पानी को बंद नहीं किया तो भनेड़ा और शामली के चंदेना माल गांव में पानी घुस सकता है।
बताया जाता है कि कृष्णी नदी के ऊपर वर्ष 2008 में करोड़ों रुपये की लागत से 200 मीटर के पुल का निर्माण हुआ था। गंगनहर के पुल में अत्यधिक सिल्ट जमा होने के कारण यह पुल धंसा है। हालांकि इस पुल के ऊपर से लोगों का आवागमन नहीं होता।