बड़गांव। अबकी बार गन्ना पर्ची की व्यवस्था ऑनलाइन है। ऑनलाइन सिस्टम में भी पर्ची वितरण में खेल होने लगा है। अधिकांश किसानों के पास पर्चियां नहीं पहुंच रही हैं। गन्ना माफिया व बिचौलिए फायदा उठाकर किसानों से सौदेबाजी कर रहे हैं। समय से गन्ना पर्ची न आने के चलते किसान गेहूं की बुआई में भी पिछड़ रहे हैं।
बड़गांव निवासी किसान रिषीपाल सिंह का कहना है कि इस वर्ष उम्मीद जगी थी कि पर्ची सही समय पर मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बहेड़ा निवासी किसान रमेश सिंह कहते है शुरुआत में उम्मीद जगी थी कि इस बार ऑनलाइन सिस्टम में कुछ सुधार होगा, लेकिन अभी तक पर्चियां न मिलने से काफी मात्रा में पेड़ी गन्ना उनके खेतों में खड़ा हुआ है। समिति के चक्कर लगा-लगा के थक चुके हैं, लेकिन उन्हें पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं।
गांव महेशपुर निवासी किसान साहब सिंह बताते हैं कि अभी तक दो से तीन पर्ची कुल मिली है। सोसायटी सचिव से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। गांव सिसौनी निवासी किसान जनेश सिंह कहते हैं कि अभी तक बहुत ही कम पर्ची मिली है। गन्ना किसानों को हर साल छला जाता रहा है। इस बार भी किसानों को कोई सहूलियत नहीं मिल रही। शासन के सभी दावे झूठे साबित हो रहे हैं। गन्ना सोसायटी पर माफिया हावी हो गए हैं। जिससे वहां किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। उधर, देवबंद चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल त्यागी ने बताया कि व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।