नकुड़। जम्मू में वैष्णो देवी माता के भवन पर मची भगदड़ में मारे गए साल्हापुर निवासी दोनों दोस्तों के शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। रविवार की सुबह गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि गत शनिवार की तड़के वैष्णो देवी माता भवन पर हुई भगदड़ में गांव साल्हापुर निवासी विनीत सहगल व धर्मवीर कोरी की मृत्यु हो गई थी। सूचना मिलते ही परिजनों सहित नजदीकी लोग शवों को लेने के लिए जम्मू रवाना हो गए थे। शनिवार की रात्रि करीब साढ़े बारह बजे जम्मू पुलिस दोनों शवों को लेकर गांव पहुंची तो दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। रविवार की सुबह करीब दस बजे दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में गांव निवासी वरिष्ठ सपा नेता कुंवरपाल सिंह राठी, ग्राम प्रधान पाल सिंह, पूर्व प्रधान प्रवीण कुमार, प्रधान सूरजमल, मास्टर रतन सिंह, रहतूलाल, अरुण कुमार व वेदपाल आदि शामिल रहे। संवाद
बच्चों ने दी मुखाग्नि तो हर आंख हुई नम
विनीत सहगल की मौत की सूचना पर उसकी तलाकशुदा और वर्तमान पत्नी भी गांव पहुंची। विनीत की तलाकशुदा पत्नी से जन्मे छह वर्षीय बेटे हर्ष ने ही पिता विनीत की चिता को मुखाग्नि दी। उधर, धर्मवीर कोरी की चिता को भी उसके दोनों बेटों आयुष व आरव ने मुखाग्नि दी। छोटे बच्चों को पिता की चिता को मुखाग्नि देते हुए हर किसी की आंखें नम हो गई। ग्रामीणों ने सरकार से धर्मवीर कोरी की विधवा को योग्यतानुसार रोजगार दिए जाने की मांग की है। गांव निवासी कुंवरपाल सिंह व ग्राम प्रधान पाल सिंह ने बताया कि जल्द ही वह डीएम से मिलकर भरण-पोषण हेतु मृतक धर्मवीर की विधवा सविता को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग करेंगे। संवाद