कोच ने बताया कि पहली बार प्रशांतवीर ने जब अंडर-16 का ट्रायल दिया था तो उनका चयन नहीं हो सका था और वह बहुत निराश था। घर से दूर रहने और सफलता न मिलने के कारण वह क्रिकेट छोड़कर वापस जाना चाहता था, लेकिन उन्होंने हौसला बढ़ाया।
इसके बाद प्रशांतवीर ने अपनी तैयारी में दिन-रात एक किया। वह सभी खिलाड़ियों के मैदान से चले जाने के बाद अंधेरा होने तक बल्लेबाजी की प्रेक्टिस करता था। नतीजा, अंडर-19 में चयन के साथ ही वह यूपी का सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी प्रशांतवीर ने बल्ले के साथ ही गेंदबाजी में भी कमाल किया और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
वर्तमान में वह यूपी रणजी टीम के खिलाड़ी हैं। प्रशांतवीर ने अपनी सफलता का श्रेय सहारनपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन मोहम्मद अकरम और कोच राजीव गोयल को दिया है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट की बारीकियां राजीव गोयल ने सिखाई और मोहम्मद अकरम ने सहारनपुर से बाहर हर कदम पर उनका साथ दिया।
लंबे शॉट के लिए जाने जाते हैं प्रशांतवीर, डेविड मिलर से होती है तुलना
प्रशांतवीर बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिन गेंदबाज हैं। वह अपनी एकेडमी ही नहीं, बल्कि पूरे सहारनपुर के क्रिकेट में लंबे शॉट मारने के लिए जाने जाते हैं। उनके साथ खिलाड़ी और खुद कोच राजीव गोयल उनकी तुलना दक्षिणी अफ्रीकी खिलाड़ी डेविड मिलर से करते हैं। कई खिलाड़ी उन्हें डेविड मिलर के नाम से भी पुकारते हैं।
एकेडमी खिलाड़ियों में खुशी की लहर
प्रशांतवीर के चेन्नई सुपर किंग्स टीम का हिस्सा बनने के बाद यहां एसबीबीए क्रिकेट एकेडमी में खुशी की लहर है। यहां प्रशिक्षण के लिए आने वाले खिलाड़ियों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। कोच राजीव गोयल ने मिठाई बंटवाई। इसके बाद खिलाड़ी शाम 6:30 बजे तक एकेडमी में जमे रहे और अपने सीनियर साथी के चयन पर खुशी का इजहार किया।
प्रशांतवीर को में तब से बड़ा खिलाड़ी मानता हूं, जब उनका चयन अंडर-19 में भी नहीं हुआ था, क्योंकि मैंने उन्हें शुरू से खेलते देखा है। वह जबरदस्त बल्लेबाज है, जो लंबे शॉट खेलते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा प्रशांत को 14 करोड़ रुपये में खरीदे जाने से मुझे व्यक्तिगत खुशी हो रही है, क्योंकि वह केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे सहारनपुर के लिए गौरव की बात है।
-मोहम्मद अकरम, चेयरमैन, एसडीसीए।