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कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

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नागल में कालेज संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची छात्राएं - फोटो : SAHARANPUR
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नागल (सहारनपुर)। मंगलवार को क्षेत्र की छात्राओं ने बड़ली में स्थित महर्षि दयानंद कॉलेज आफ एजूकेशन के प्रबंध तंत्र पर धोखाधड़ी कर फर्जी रुप से बीए की कक्षाएं संचालित कर उनके दो साल खराब कराने का आरोप लगाते हुए पांच लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार को थाने पहुंची गागलहेड़ी थाने के गांव भाबरी निवासी छात्रा जेबा पुत्री नईम ने अपनी सहपाठी मोनिका, बेबी, अमरीन, वंदना, समरीन, रानी, उर्वशी, जूली, मनीषा, मीनाक्षी, मोनिका, मनप्रीत, हरमीत, आशु, कोमल, प्रियंका व पूनम के साथ तहरीर दी। तहरीर में बताया कि बडूली के निकट महर्षि दयानंद कॉलेज ऑफ एजूकेशन के नाम से महिला महाविद्यालय है। महाविद्यालय ने उनके सत्र 2018-2019 में बीए प्रथम वर्ष के दाखिले किए । इसके लिए प्रत्येक छात्रा से छह हजार रुपये प्रवेश शुल्क तथा 1195 रुपये प्रत्येक से प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर वसूले। शैक्षिक वर्ष 2018-2019 की परीक्षा कॉलेज में ही कराई, इसके प्रश्नपत्र हाथ से लिख कर दिए , उन्हें परीक्षा के बाद कॉलेज में ही जमा कराया। काफी दिनों बाद जो अंक पत्र दिए, उन पर केवल रोल नंबर व अंक लिखे थे। छात्रा का नाम व माता-पिता का नाम गायब रहे। बार-बार कहने के बावजूद आज तक उन्हें सही नहीं कराया।
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2019-2020 में बीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं से प्रवेश शुल्क के नाम पर सात हजार रुपये, प्रयोगात्मक परीक्षा की फीस एक हजार रुपये व परीक्षा फीस के नाम पर बारह सौ रुपये वसूले। इतना सब होने के बाद उन्हें प्रवेश पत्र नहीं दिए। बिना प्रवेश पत्र के ही उन्हें परीक्षा में बैठाया और आधा घंटा बाद ही प्रश्न पत्र उत्तर पुस्तिका यह कह कर वापस ले ली गई कि इस साल उनका पंजीकरण नहीं हो सका है। छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने उनके लाखों रुपये डकार लिए हैं और उनके दो साल भी बरबाद कर दिए।
छात्राओं की तहरीर पर पुलिस ने प्रबंध समिति के पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की। वहीं थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताय छात्राओं की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, संस्थान की प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार चौहान नें बताया कि कॉलेज को मान्यता मिलने में देरी हुई है। इस कारण छात्राओं के प्रवेश पत्र नहीं मिल सके हैं।
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