सहारनपुर। टोल वसूली के अनुबंध में 2.84 करोड़ के स्टांप कर अपवंचन का मामला सामने आया है। इसके बाद स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने वाद दर्ज किया है। सुनवाई के बाद वसूली की कार्रवाई होगी।
दरअसल, नियमानुसार लीज अनुबंध पर स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग के नियमों के तहत शहरी क्षेत्र में चार और ग्रामीण क्षेत्र में लीज अनुबंध पर दो फीसदी स्टांप शुल्क देना होता है। जिले में स्थित तीन टोल प्लाजा सैयद माजरा, सरसावा और गणेशपुर टोल पर कंपनियों की ओर से किए गए अनुबंध पर स्टांप शुल्क को अदा नहीं किया गया। स्टांप विभाग ने तीनों टोल कंपनियों से अनुबंध के दस्तावेज तलब किए थे। दस्तावेज की जांच में सामने आया कि तीनों ही कंपनियों ने 100-100 रुपये के स्टांप पेपर पर अनुबंध कर लिया, जबकि नियमानुसार सरसावा टोल पर 1.61 करोड़, गणेशपुर टोल प्लाजा पर 72,14,760 रुपये और 50,41,280 रुपये की स्टांप कमी पाई गई। वाद दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक ही वर्ष के अनुबंध में मिली करोड़ों रुपये की कमी
टोल प्लाजा कंपनी द्वारा एक वर्ष के ही अनुबंध के दस्तावेज मांगे गए हैं। इनमें से भी तीन ही कंपनियों ने अनुबंध के दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। विभाग ने पिछले तीन वर्षों के अनुबंध मांगे हैं। तकरीबन एक ही वर्ष के अनुबंध में पौने दो करोड़ रुपये से अधिक का स्टांप कर अपवंचन मिला है।
स्टांप कर अपवंचन मामले में वाद दर्ज कर किया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी टोल प्लाजा कंपनियों से अनुबंध के दस्तावेज मांगे गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश एस चौधरी, एआईजी स्टांप