देवबंद। सहारनपुर के शेखुल हिंद मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने की सिफारिश करने के बाद सपा नेता व पूर्व विधायक मनोज चौधरी लगातार उलमा के निशाने पर हैं। शुक्रवार को उलमा की बैठक में पूर्व विधायक के बयान की कड़ी निंदा की गई। उन्होंने दो टूक कहा कि खुद को मुस्लिमों का हितैषी बताने वाली सपा में मौजूद नेता ही मुस्लिम महापुरुषों का अपमान कर रहे है।
ईदगाह रोड स्थित दारुल उलूम अशरफिया में हुई बैठक में संस्था के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने पूर्व विधायक मनोज चौधरी के बयान पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि मौलाना महमूद हसन देवबंदी महान स्वतंत्रता सेनानी थे, देश की आजादी में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मदरसा जामिया कासमिया दारुत्तालीम व सना के मोहतमिम मौलाना इब्राहिम कासमी ने मनोज चौधरी को मालूम होना चाहिए कि सपा शासनकाल में ही मेडिकल कॉलेज का नाम शेखुल हिंद के नाम पर रखा गया था।
उनकी नाम बदलने की सिफारिश करना घोर निंदनीय है। मौलाना महमूद हसन देवबंदी के नवासे और शेखुल हिंद एकेडमी के चेयरमैन हाजी रियाज महमूद ने कहा कि मुस्लिमों का हितैषी बताने वाली सपा के नेता ही महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं। इस मौके पर मौलाना मुजतबा, मोहम्मद ताज, मौलाना कलीम, मौलाना मुजीब, राशिद अहमद, कबीर आदि मौजूद रहे।