सहारनपुर। ग्राम पंचायत महतौली विकासखंड देवबंद में जारी सोशल ऑडिट बैठक का मनरेगा लोकपाल ने औचक निरीक्षण किया। बैठक में ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक समेत मनरेगा मजदूर गैरहाजिर मिले। पत्रावलियों के निरीक्षण में भी कई खामियां मिलीं।
सोशल ऑडिट का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। बैठक का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया है। तय समय के बाद भी दस से 12 मनरेगा मजदूर उपस्थित मिले। पत्रावलियों के निरीक्षण में खामियां मिलीं। मनरेगा में पक्के कार्य कराए जाने से पहले पंचायत की ओर से कार्यों का अलग-अलग विज्ञापन दिया जाता है। इसमें अलग-अलग संस्थाओं से कोटेशन लिया जाना अनिवार्य है। पंचायत ने सामग्री व मजदूरी के निर्धारित मानदंडों का भी पालन नहीं किया।
सचिव, तकनीकी सहायक और मैट ने नियमों की अनदेखी की है। सोशल ऑडिट टीम ने मनरेगा लोकपाल को जानकारी दी कि कार्य के सत्यापन के दौरान आठ नागरिक कार्यों पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। जिन कार्यों पर बोर्ड नहीं लगे हैं वह भी गुणवत्ता पर खरे नहीं उतर रहे। मनरेगा लोकपाल राकेश चौधरी ने बताया कि ऑडिट के दौरान जो भी खामियां पाई गई है उनकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।