इस पर सुंदरलाल ने स्पष्ट कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं, उन्हें मंत्री नहीं बनना है। लगे हाथ सिफारिश की दी कि आप शाहजहांपुर से सांसद कुंवर जितेंद्र प्रसाद को ऑल इंडिया कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी बना दीजिए। जिस पर प्रधानमंत्री ने तुरंत हामी भर दी थी। 1987 में सांसद सुंदरलाल का निधन हो गया था।
पोस्ट कार्ड पर करा देते थे समस्या का समाधान
जयनाथ शर्मा बताते हैं कि सांसद सुंदरलाल अविवाहित थे। जो देहरादून में अपने अन्य परिजनों के साथ रहते थे। वह जब भी अपने लोकसभा क्षेत्र में आते थे तो अक्सर लोगों से कहते थे कि यह मेरे घर का पता है। अगर मैं मिल भी न पाऊं तो इस पते पर चिट्टी भेज देना। समस्या का समाधान होते ही मैं खुद आपको चिट्टी भेजकर अवगत करा दूंगा।