- जीएसटी बंद कराने का झांसा देकर पीड़ित के नाम पर विपक्षी चलाते रहे कारोबार
- नोटिस आने पर चला पता, एसएसपी के आदेश पर तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ट्यूशन पढ़ने के दौरान हुई दोस्ती का फायदा उठाकर एक व्यक्ति ने जीएसटी नंबर और फर्म खोलकर करीब 19 लाखों रुपये की टैक्स चोरी कर ली। नोटिस आने पर पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला। एसएसपी के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थाना सदर बाजार में हिम्मत नगर जगदंबा कॉलोनी निवासी आशीष मैनवाल ने तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2020 में उसकी पहचान पंत नगर जेवी जैन कॉलेज रोड निवासी आयुष जैन से ट्यूशन पढ़ने के दौरान हुई थी। आरोप है कि वर्ष 2021 में आयुष जैन, उसके भाई आकाश जैन और आकांक्षा जैन ने पीड़ित को नई फर्म खोलने की सलाह दी। पीड़ित ने पहले मना कर दिया था।
बाद में विपक्षियों ने उसे यह कहकर मना लिया कि उसे कोई पैसा नहीं लगाना पड़ेगा। इसके बाद पीड़ित का आधार कार्ड, पैन कार्ड और चार-पांच हस्ताक्षरित चेक यह कहकर ले लिए कि जीएसटी खुलवाने में इनकी जरूरत पड़ेगी। उसके नाम से सूर्य टिम्बर मर्चेंट नामक फर्म खोल दी गई। आरोप है कि कुछ समय तक फर्म में कोई काम या आय नहीं दिखाई गई। जब उसने काम न करने और जीएसटी बंद कराने की बात कही तो आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जीएसटी नंबर बंद करा दिया जाएगा।
पूछने पर भी उसे यही बताया गया कि फर्म और जीएसटी पहले ही बंद हो चुके हैं। कुछ समय बाद जीएसटी विभाग और आयकर विभाग से 82,777 रुपये और 19,04,532 रुपये की टैक्स चोरी से संबंधित नोटिस मिलने पर उसे पूरे मामले की जानकारी हुई।
सिस्टम की गड़बड़ी बताकर ठीक का दिया आश्वासन
आरोप है कि जब वह विपक्षियों के पास पहुंचा तो पहले उन्होंने सिस्टम की गड़बड़ी बताकर मामला ठीक कराने का आश्वासन दिया, लेकिन जीएसटी कार्यालय में जानकारी करने पर पता चला कि उसके नाम से जीएसटी नंबर का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। इसके बाद सदर बाजार पुलिस ने आयुष जैन, आकाश जैन और आकांक्षा जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।