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बुखार से एक ही परिवार के दो बच्चों समेत पांच की मौत

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मृतका रविश का फाइल फोटो - फोटो : SAHARANPUR
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बुखार से एक ही परिवार के दो बच्चों समेत पांच की मौत
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सहारनपुर। जिले में जानलेवा बन चुके बुखार से एक ही परिवार के दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। रामपुर मनिहारान के नाई नगली में चार दिनों में एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य अधिकारियों पर गांव की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया है। वहीं देवबंद में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित है।
रामपुर मनिहारान के गांव नाईनगली उर्फ माजरी में रविवार को एक ही परिवार के चार वर्षीय रविश पुत्री जाबिर और आठ वर्षीय सलमान पुत्र साजिद की बुखार के चलते मौत हो गई। सलमान का हरियाणा के मुलाना हायर सेंटर और रविश का सहारनपुर में एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बता दें कि इसी परिवार में चार दिन पूर्व सात वर्षीय अर्श पुत्र साबिर की बुखार के चलते मौत हो गई थी। तीनों बच्चों के पिता आपस में भाई हैं। दोनों बच्चों को सुपुर्दे खाक करने के बाद ग्रामीणों से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
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ग्राम प्रधान आदिल ने कहा कि उन्होंने नकुड़ सीएचसी को बुखार से हो रही मौत की खबर दी परंतु स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में कोई टीम नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से तीन बार गांव में दवाई का छिड़काव करा चुके हैं। नकुड़ सीएचसी के डा. श्रद्धानंद ने कहा कि गंगोह विधानसभा के उपचुनाव में व्यस्त होने के कारण गांव में टीम को नहीं भेजा जा सका है। 22 अक्तूबर को टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा।
देवबंद में केंदुकी निवासी पूर्व प्रधान अनुज त्यागी की भाभी संगीता को एक सप्ताह से बुखार से आ रहा था। उन्हें पूर्व में निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया, हालत बिगड़ने पर वहां से मेरठ रेफर किया। वहां रविवार को संगीता ने दम तोड़ दिया। संगीता की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। जबकि गांव व क्षेत्र में अन्य बुखार से पीड़ितों में अब डर का माहौल बनता जा रहा है। तीन दिन में बुखार से चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में बुखार पीड़ितों की जांच करने के लिए कैंप करने के आदेश जारी किए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तासू, जामिल, मोनू, फारूक, अशोक, टिंकू, पिंटू, संजय, सुबोध, ललिता, सुनील, भोजी, ममता, नितिन, शेखर, कालूराम, सीमा, सोनू, मुकेश, हरिओम, रिजुल, टीटू, दिपांशु, कान्हा, राकेश, शम्मी सहित 50 लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनका विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उन्होंने गांव में एंटी लारवा दवाई का छिड़काव कराने की मांग की। एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेज कर दवा की व्यवस्था में कराई है।
नागल के गांव सुभरी मेहराब में 35 वर्षीय लोकेश पुत्र प्रेम पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। उसका पहले गांव में इलाज कराया गया लेकिन बाद में हालत चिंताजनक देखते हुए शनिवार को उसे सहारनपुर के निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी जिस पर परिजन उसे वापस गांव ले आए। शनिवार रात में मौत हो गई। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत की वजह क्या है। बाकी टीम भेज कर जांच कराई जाएगी।
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नानौता क्षेत्र के गांव बुंदूगढ़ में बुखार से पीड़ित 14 वर्षीय सोनी पुत्री अनिल की उपचार के दौरान मौत हो गई। चार दिन पूर्व तेज बुखार होने पर सोनी को हायर सेंटर ले जाया गया था। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका नगर के एक इंटर कॉलेज की छात्रा थी। किशोरी की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।

रामपुर मनिहारान में बुखार से तीन मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण- फोटो : SAHARANPUR

सलमान का फाइल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

अर्श का फाइल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

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