सहारनपुर। कुपोषण के दंश को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार की योजना है कि गो आश्रय स्थल से अत्यंत गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवार को एक-एक गाय दी जाए। जिले में 712 बच्चे कुपोषित हैं। गाय देने के लिए पशुपालन विभाग ने सर्वे कराया तो मात्र पांच गाय ही दुधारू मिली हैं।
इन दिनों राष्ट्रीय सुपोषण माह चल रहा है। इसी के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूरे प्रदेश में निर्देश दिए गए कि गो आश्रय स्थल से अत्यंत कुपोषित बच्चों के परिवार को एक-एक गाय दी जाए। इसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आशा त्रिपाठी ने पशु पालन विभाग को पत्र लिखा, जिस पर कुपोषित बच्चों के परिवारों को गाय देने के लिए विभाग ने सर्वे कराया तो 3200 में मात्र पांच गाय ही दुधारू मिली हैं, जबकि जिले में 712 अत्यंत कुपोषित बच्चे हैं, जिन्हें चिकित्सीय इलाज की भी जरूरत है। इन्हीं बच्चों के परिवारों को गाय दी जानी है। इसके साथ ही 900 रुपये महीना चारे का पैसा भी दिया जाएगा।
15 गो आश्रय स्थल में 3200 गोवंश
सहारनपुर। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जिले में नगर निगम सहित जिले के 11 विकासखंडों में गो आश्रय स्थल बनाए गए थे। नगर निगम का गो आश्रय स्थल नवादा रोड पर है। इसके सहित सभी विकासखंडों को मिलाकर 15 गो आश्रय स्थल में 3200 गोवंश हैं।
विकासखंड ------ अत्यंत कुपोषित बच्चों की संख्या
बलियाखेड़ी ----- 52
पुवांरका --------- 53
मुजफ्फराबाद --- 61
साढ़ौली कदीम --- 54
सरसावा --------- 56
नकुड़ ------------ 48
गंगोह ------------ 60
नानौता ---------- 49
रामपुर मनिहारान ---- 50
देवबंद ------------- 59
नागल ------------- 58
शहरी क्षेत्र -------- 61
गो आश्रय स्थलों का सर्वे कराया गया है। 3200 में पांच गाय ही दुधारू मिली हैं। इससे शासन को भी अवगत कराया जा रहा है। -- बीएस शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
अत्यंत कुपोषित बच्चों के परिवार वालों को एक-एक गाय दिए जाने की योजना है। इसके साथ ही 900 रुपये प्रतिमाह चारे का पैसा दिया जाएगा। -- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी