सहारनपुर। वित्तीय वर्ष 2020-21 बुधवार को समाप्त हो गया। क्लोजिंग के कार्य में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक डटे रहे। खासकर बैंकों में ज्यादा भीड़ रही, लेकिन नागरिकों से जुुड़े कार्य बैंक कर्मचारियों ने कम ही किए। वह भी विभागीय कार्यों में निपटाने में लगे रहे।
बुुधवार को विकास भवन, कलक्ट्रेट, कोषागार और बैंकों में देर रात तक कर्मचारियों व अधिकारियों ने कार्य किया। रुके कार्यों को पूरा करने की कवायद होती रही। योजनाओं में आई धनराशि और खर्च का ब्योरा संकलित करने में कर्मचारी जुटे रहे। विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के लिए आए बजट में खर्च हुए पैसे का ब्योरा एकत्र किया। कोर्ट रोड स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा पर पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही। ऐसी ही स्थिति अन्य बैंकों की भी रही है।
ऑनलाइन चली प्रक्रिया
विकास कार्यों और बजट से संबंधित खर्च का पूरा डाटा ऑनलाइन रहा। इस वजह से बुधवार देर रात तक सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी व अधिकारी खर्च हुई धनराशि का ब्योरा दर्ज करते रहे, लेकिन पूरे जिले में खर्च हुए विकास बजट की जानकारी रात 12 बजे के बाद ही अधिकारियों एकत्र कर पाएंगे। मुख्य कोषाधिकारी सत्येंद्र सागर ने बताया कि शासन की ओर से पोर्टल लॉक किया जाएगा, तभी रात में पूरे जनपद की जानकारी मिल पाएगी।
228 करोड़ रुपये राजस्व हुुआ जमा
सहारनपुर। कोषागार के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा एकत्र किए 228 करोड़ 99 लाख 82 हजार रुपये जमा किया गया है। इनमें भू राजस्व 122.78 लाख, स्टांप व पंजीकरण का 11649.4 लाख, राज्य उत्पाद शुल्क से 126.82 लाख, व्यापार व बिक्री का 652.18 लाख, वाहनों से संबंधित कर 2107.10 लाख, विद्युत का 17.07 लाख, विभिन्न विभागों से ब्याज प्राप्तियों पर 325.82 लाख, पुलिस से 623 लाख, जिला कारागार से 0.50 लाख, सहकारिता से 156 लाख, पशुपालन से 91.41 लाख सहित अनेक विभागों सहित 228 करोड़ रुपये जमा हुआ है।
साइट हैंग होने की वजह से हुए परेशान
ऑनलाइन कार्य होने की वजह से विभिन्न विभागों की वेबसाइट पर कार्य ज्यादा होने की वजह से हैंग हो गई, जिस कारण कर्मचारियों और अधिकारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
बचे पैसे का लगेगा एक सप्ताह बाद पता
किस-किस विभागों ने कितना पैसा खर्च किया और कितना पैसा सरेंडर कर दिया गया है। इसका डाटा करीब एक सप्ताह बाद जिला अर्थ एवं जिला सांख्यिकीय द्वारा एकत्र होगा। डीएसटीओ अमित कुमार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने की वजह से अभी विभाग के पास डाटा नहीं है। इसमें करीब एक सप्ताह लग जाएगा।
वेबसाइट व्यस्त होने से सीए भी रहे परेशान
सहारनपुर। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कराने और अन्य कार्यों के लिए सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) भी अपने सहयोगियों के साथ जुटे रहे। सीए संजय ढींगरा के मुताबिक वेबसाइट व्यस्त होने से काफी परेशानी रही। रात आठ बजे तक भी रिटर्न दाखिल और अन्य कार्य पूरा नहीं हो सका।