गांव हरियाबांस में बदहाल पड़ा स्वास्थ्य केंद्र
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गागलहेड़ी (सहारनपुर)। दो वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के गांव हरियाबांस में डेंगू और वायरल बुखार की चपेट में आने से 15 से ज्यादा ग्रामीणों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी गांव में सफाई व्यवस्था की हालत बदहाल है। गांव में बुखार ने भी अपने पैर पसार लिए हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम सुध नहीं ले रही है।
क्षेत्र के गांव हरियाबांस में दो वर्ष पूर्व बुखार से मौत होने के बाद इसकी गूंज लखनऊ तक सुनाई दी थी। उस वक्त लगातार कई दिन तक चिकित्सा शिविर लगा कर रोगियों का उपचार किया था। समय बीतने के साथ गांव में सफाई व्यवस्था फिर ढर्रे से उतर गई। गांव में हर ओर गंदगी के ढेर लगे हैं। गांव के बीच बने तालाबों पर ग्रामीणों द्वारा कब्जे कर लिए गए हैं, जिस कारण तालाबों का आकार कम होने की वजह से घरों का पानी खाली पड़े प्लाटों में भरा है। जहां पर डेंगू जैसी गंभीर बीमारियां जन्म ले रहीं हैं। गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र भी बदहाली का शिकार है। उप स्वास्थ्य केंद्र के पास ही गंदगी के ढेर लगे हैं। गांव के मास्टर कालूराम यादव, रामपाल यादव आदि ने बताया कि अभी भी गांव में लगभग तीस ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं, लेकिन गांव में न तो स्वास्थ्य विभाग ने कोई कैंप लगाया है और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। तालाबों का पानी भी इतना सड़ चुका है कि उसमें कीड़े और जहरीले मच्छर पनप रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
खड़खड़ी सीएचसी प्रभारी मिनरल राठी ने बताया कि हरियाबांस गांव में बुखार के ज्यादा मरीज नहीं है। अभी सीएचसी पर स्टॉफ की भी कमी है। टपरी गांव में डेंगू सहित वायरल बुखार के मरीज आये थे तो स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां कैंप किया था। हर गांव में कैंप लगा कर जांच करना संभव नहीं है।
हरियाबांस में गंदगी से अटा पड़ा तालाब- फोटो : SAHARANPUR
रामपाल- फोटो : SAHARANPUR
मा कालूराम- फोटो : SAHARANPUR