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गेहूं की फसल में बढी पीला रतुआ के प्रकोप की आशंका

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गेंहू की फसल का निरीक्षण करते कृषि वैज्ञानिक - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते गेहूं की फसल पर पीला रतुआ (येलो रस्ट) के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। पहले कई दिन बारिश और अब तेज धूप के चलते फफूंदी जनित इस रोग के तेजी से बढ़ने की आशंका है। यदि समय पर सावधानी नहीं बरती को गेहूं की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। यह रोग गेहूं की एचडी-2967, एचडी 2851, डब्लूएच-711 प्रजातियों को अधिक प्रभावित करता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर आईके कुशवाहा ने बताया कि बारिश एवं तापमान कम होने के बाद धूप निकलने पर फफूंद जनित पीला रतुआ रोग का प्रकोप बढने की आशंका है। हवा चलने पर पीला रतुआ के बीजाणु तेजी से फैलते हैं। प्रभावित गेहूं की फसल में कहीं कहीं पौधों की पत्तियों पर हल्की पीली और लंबाई में धारियां दिखाई देती हैं। जो बाद में पीले पाउडर में तब्दील हो जाती हैं। शुरू में यह रोग मात्र दस बीस पौधों के घेरे में ही दिखाई देता है। धीरे धीरे इसके बिजाणु पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि इस रोग से प्रभावित फसल में नत्रजन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। प्रभावित फसल पर प्रोपीकोनाजॉल या टेबूकोनाजॉल की 200 मिलीलीटर मात्रा को पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करना चाहिए। इसके बाद दूसरा स्प्रे भी करना फायदेमंद रहता है।
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