देवबंद (सहारनपुर)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भायला कलां गांव में दो साल पूर्व हुई हत्या के मामले में पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है।
घटनाक्रम 15 जुलाई 2023 का है। भायला कलां निवासी बाटू सिंह का बड़ा बेटा सचिन मानसिक रूप से कमजोर था। उसका किसी बात पर अपने पिता व भाई पंकज से झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान बात बढ़ने पर गुस्से में बाटू सिंह व पंकज ने सचिन के गले में रस्सी डालकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना की तहरीर मृतक सचिन की मां सावित्री ने दर्ज कराई थी।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रहा था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद बाटू सिंह व पंकज को सचिन की हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
सजा सुनते ही रोने लगे बाप-बेटे
अदालत ने जिस समय दोनों दोषियों को सजा सुनाई, वह कटघरे में खड़े थे। सजा सुनते ही दोषी बाप-बेटा फफक-फफक कर रोने लगे। वह अदालत से रहम की गुहार लगाने लगे। तभी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस दौरान मृतक की मां सावित्री भी रोने लगी। वह बार-बार कह रही थी कि उसका घर बर्बाद हो गया। एक बेटा दुनिया से चला गया और दूसरा बेटा और पति अब जेल में रहेंगे। परिवार के लोग उसे दिलासा दे रहे थे।