लखनौती। अंबाला-शामली नेशनल हाईवे पर धरना दे रहे किसानों का 76वें दिन रविवार को गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने नेशनल हाईवे के निर्माण कार्यों को रुकवा दिया। इसके साथ ही हाईवे निर्माण में लगे आठ से दस वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया।
गांव के पास कट की मांग को लेकर किसान और भारतीय किसान यूनियन नई क्रांति के कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं। किसानों ने कई बार अपनी मांगों को माने जाने की गुहार लगाई। धरने के दौरान कई बार किसान और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर सहमति बनाने के प्रयास किए गए। इसके बाद कट की मांग को मान लिया गया। किसान कट निर्माण की मांग कई दिनों से कर रहे थे। कट निर्माण कार्य शुरू न होने के बाद रविवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा ने बताया कि आंदोलन के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने सलारपुरा टंकी के पास कट बनाने की मांग को स्वीकार किया था और काम शुरू करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी मांग को पूरा नहीं किया गया। कार्य शुरू कराने को लेकर तीन बार एसडीएम नकुड़ और एनएचएआई के अधिकारियों से बात भी की गई लेकिन उनकी मांगों पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
हाईवे निर्माण कार्य को रोकने और वाहनों को अपने कब्जे में लेने की सूचना मिलते ही एनएचएआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे। चौधरी ओम सिंह, कुलबीर सिंह, महिपाल सिंह, चौधरी अनुज कुमार, प्रमोद कुमार, इलियास अहमद ने अधिकारियों को साफ किया कि कट का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही वाहनों को छोड़ा जाएगा।
यमुना नदी की ओर कट करीबन सात और नानौता वाली ओर पांच किलोमीटर दूर
धरना दे रहे किसानों का कहना है कि उन्हें अपने गांव में आने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। इसके साथ ही विपरीत दिशा में आने से दुर्घटना की भी संभावना है। कहा कि यमुना नदी की ओर करीब सात से आठ किलोमीटर दूर कट दिया गया है। इसके अलावा नानौता की ओर जाने पर गांव से पांच किलोमीटर दूर कट है। ऐसे में गांव में आने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी होगी।
वर्जन
-काम रोकने व वाहनों को कब्जे में लिए जाने के मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। इस संबंध में जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
-सोनू सिंह, साइट इंजीनियर।