यूक्रेन से सहारनपुर लौटी निहारिका अपनी मां निर्माला के साथ
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सहारनपुर। यूक्रेन से सकुशल लौटी निहारिका को देख परिजनों के आंसू छलक पड़े। पूरा परिवार बेटी को एयरपोर्ट से लेने के लिए दिल्ली पहुंचा था। घर लौटने पर निहारिका ने यूक्रेन के अनुभवों को साझा किया। सकुशल लाने के लिए उसने भारत सरकार का भी आभार जताया।
निहारिका के पिता डॉ. गजेंद्र सिंह एसबीडी जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। निहारिका इवानो विश्वविद्यालय की एमबीबीएस की पांचवें वर्ष की छात्रा है। जब से यूक्रेन पर रूस के हमले हो रहे हैं, तब से परिजन बेटी को लेकर चिंतित थे। लगातार बेटी से फोन के जरिए संपर्क बनाए हुए थे, लेकिन वहां फंसे होने की वजह से परिजनों की सांसें अटकी हुई थी। निहारिका ने बताया कि भारतीय मूल के छात्र हमलों से पहले ही भारत लौटना चाहते थे, लेकिन विश्वविद्यालय ने वहां से निकलने की अनुमति नहीं दी। इसकी वजह से सभी छात्र वहां फंसे रहे, लेकिन जब हमले शुरू हुए तो भारतीय मूल के छात्र बसों के जरिए वहां से रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। निहारिका ने बताया कि हमलों के बाद से यूक्रेन का हर नागरिक बेहद डरा हुआ है। यूक्रेन में फंसे होने तक उनकी भी यही स्थिति थी। लेकिन रोमानिया बॉर्डर पर भारतीय दूतावास से उन्हें मदद मिली, जिसके बाद उन्हें रोमानिया लाया गया। वहां से वह दिल्ली पहुंची हैं। मां निर्मला ने बताया कि बेटी के यूक्रेन में फंसे होने तक पूरे परिवार की सांसें अटकी हुई थीं। लगातार बेटी से फोन पर संपर्क बनाए रखने के साथ ही न्यूज चैनलों पर यूक्रेन के हालात की खबर लेते रहे। उन्होंने भी सरकार का आभार व्यक्त किया।