सहारनपुर। हरिद्वार की धार्मिक यात्रा पर निकले परिवार की खुशियां सड़क हादसे ने पलभर में मातम में बदल दीं। परिवार के सदस्य दो कारों में सवार होकर हरिद्वार जा रहे थे। यात्रा की शुरुआत उत्साह और खुशी के माहौल में हुई थी, लेकिन रास्ते में हुए भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
सोनीपत जिले के गांव मंढोरा निवासी प्रवीण और उसके परिवार के सदस्य दो कार से हरिद्वार के लिए निकले। दो कार में करीब 13 लोग सवार हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। प्रवीण की कार में उनकी पत्नी प्रीति, मां सुदेश, भतीजा शिवांश, भाई जयदेव और उनकी पत्नी प्रीति और बेटी भूमि थी। दूसरी कार में मीनाक्षी पत्नी सत्यदेव, सत्यदेव पुत्र चरण सिंह, प्रवीण का बेटा ऋतिक, बेटी जाह्नवी, सत्यदेव का बेटा निखिल और बेटी नैना बैठी थी।
सत्यदेव की कार आगे चल रही थी, जो घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर आगे थी। सत्यदेव को हादसे का पता चला तो कार वापस कर मौके पर पहुंचे। मौके पर कारों को क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा। एक साथ हरिद्वार के लिए निकले परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि यह यात्रा इतनी दर्दनाक साबित होगी। कुछ ही पलों में हंसी-खुशी का माहौल मातम में बदल गया और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
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- चार साल से बहादुरगढ़ में रहता है जयदेव
जयदेव ने बताया कि अपने पिता चरण सिंह के साथ करीब चार साल से बहादुरगढ़ में रहता है और ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उसके पिता चरण सिंह भी बहादुरगढ़ में ही रहते हैं। मृतक प्रवीण कुमार जयदेव का चचेरा भाई था। जयदेव ने बताया कि प्रवीण अक्सर उनके पास बहादुरगढ़ अक्सर आता-जाता रहता था। बताया जा रहा है कि कार चला रहे जयदेव ने सीट बेल्ट लगाई थी, जबकि अन्य लोग बिना सीट बेल्ट के ही बैठे हुए थे।
दोनों कार एक साथ होने पर होता बड़ा हादसा
दोनों कार घर से एक साथ निकली थी, लेकिन रास्ते में सत्यदेव की कार आगे निकल गई थी, जबकि प्रवीण की कार पीछे आ रही थी। दोनों कार एक साथ चलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। दोनों ही कारों में छह छोटे बच्चे थे। घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक चीख-पुकार मची रही। हादसे का पता लगते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।
डीएम-एसएसपी पहुंचे अस्पताल
सड़क हादसे के बाद डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह अस्पताल पहुंचे। यहां ट्रामा सेंटर में भर्ती घायलों का हाल जाना और प्रमुख अधीक्षक को घायलों का बेहतर उपचार के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि घायलों के इलाज में कोताही नहीं होनी चाहिए। हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर कराना भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।