फर्जी अधिकारी को आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने पकड़कर पीटा
देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी अधिकारी बनकर रजिस्टर चेक करने पहुंचे एक व्यक्ति को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शक होने पर दबोच लिया। जिसकी जमकर पिटाई की गई और बाद में उसे बंधक बना लिया गया। महिलाओं का आरोप है कि आरोपी उनसे एक-एक हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके कुछ देर बाद ही दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकत्री कोतवाली पहुंची और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
मंगलवार को एक व्यक्ति नूरपुर में प्राथमिक विद्यालय में स्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यालय पहुंचा और खुद को अधिकारी बताते हुए रजिस्टर चेक करने लगा। महिलाओं को शक हुआ तो उन्होंने आरोपी से पूछताछ करनी शुरू कर दी। इसको लेकर वह महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करना लगा। इससे क्षुब्ध महिलाओं ने उसे दबोच लिया और मौके पर उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। कार्यकत्रियों का आरोप था कि उक्त व्यक्ति ने उसने एक-एक हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। इस दौरान कुछ नेता भी वहां पहुंचे जिन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन महिलाएं नहीं मानी और उन्होंने उक्त व्यक्ति को कमरे में बंद कर उसे घंटों बंधक बनाकर रखा। इसी बीच सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्र पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और बमुश्किल बंधक बनाए गए फर्जी अधिकारी को छुड़ाया। इसी दौरान ब्लाक अध्यक्ष पारुल राय के नेतृत्व में दर्जनों महिलाएं इकट्ठा होकर कोतवाली पहुंच गईं और आरोपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगीं। पारुल राय का आरोप था कि आरोपी खुद को अधिकारी बताकर उनके रजिस्टर चैक करता है तथा आरटीआई डालकर कार्यकत्रियों से अवैध वसूली भी करता है। वहीं, एसपी देहात डा. विद्या सागर मिश्र का कहना है कि जांच में पता चला है कि हिरासत में लिया गया आरोपी आरटीआई के नाम पर अवैध उगा़ही करता है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया है। इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्र का कहना है कि हिरासत में लिया गया आरोपी नागल थानाक्षेत्र के खटौली गांव का निवासी है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं में सुनीता पुंडीर, जिला मंत्री प्रतिभा त्यागी, रेखा, सीमा, पुष्पा, बरखा, रेणू, सुधा, ऊषा शर्मा, नेमवती, शशि, मंजू, लोकेश, नीता, अमरेश रानी, राज नीता आदि शामिल रहीं।
सीडीपीओ पर भी लगाए आरोप
देवबंद। हंगामे के के दौरान कोतवाली पहुंची डीपीओ आशा त्रिपाठी के समक्ष आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सीडीपीओ पर आरोप लगाया कि वह भी आरोपी के साथ मिली हुई हैं और उनके इशारे पर उक्त आरोपी उनका उत्पीड़न कर रहा था। महिलाओं ने सीडीपीओ पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप भी लगाया।
डीपीओ बोलीं-आरोपी का विभाग से संबंध नहीं, सीडीपीओ ने आरोप निराधार बताए
देवबंद। डीपीओ आशा त्रिपाठी का कहना है कि पकड़े गए व्यक्ति का विभाग से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने उसे पहली बार ही देखा है। वह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को डरा धमकाकर उनसे अवैध वसूली करता है। जो नहीं देता उसके खिलाफ आरटीआई डाल देता है। यह केवल देवबंद ब्लाक ही नहीं बल्कि पुवांरका, नागल आदि ब्लाकों में भी अवैध वसूली कर चुका है। इसके खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। वहीं, सीडीपीओ नाहिद परवीन का कहना है कि उक्त व्यक्ति एक-एक दिन में 20-20 आरटीआई मांगता था। जिससे परेशान होकर मंगलवार को कार्यकत्रियों ने उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। यह प्रत्येक ब्लाक में ऐसा ही करता आ रहा है। स्वयं पर लगे आरोपों को उन्होंने निराधार बताया है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पुलिस को सौंपा गया फर्जी कर्मचारी- फोटो : DEVBAND
देवबंद में फर्जी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकत्रि?- फोटो : DEVBAND