सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कार्रवाई लगातार जारी है। जगाधरी करेंसी चेस्ट के निलंबित प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद अब जांच एजेंसी की नजर फरार दो आरोपियों पर है। दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कोतवाली सदर बाजार में 29 अगस्त को जाली नोट प्रकरण की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में अभी तक एनआईए ने केवल जगाधरी करेंसी चेस्ट प्रबंधक को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी भी एजेंसी की पकड़ से दूर है। हालांकि, जांच एजेंसी फरार आरोपियों के संपर्कों को खंगाल रही है। जांच एजेंसी की टीमें आरोपियों के परिजनों, रिश्तेदारों और करीबियों से भी पूछताछ कर रही हैं। इसके अलावा उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिनसे दोनों के लगातार संपर्क में रहने की आशंका है। हालांकि, अभी तक एनआईए टीम को कोई सफलता नहीं मिली है।
बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटा रही एजेंसी
मामले की जांच अब केवल नकली नोटों की बरामदगी और आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं है। एनआईए आरोपियों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि कहीं इस प्रकरण में किसी आर्थिक लाभ या संदिग्ध लेनदेन का संबंध तो नहीं है। संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
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दो आरोपियों की गिरफ्तारी चुनौती
जगाधरी करेंसी चेस्ट के निलंबित प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसी आधार पर फरार दोनों आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मुख्य मंडल प्रबंधक और दूसरे करेंसी चेस्ट प्रबंधक की गिरफ्तारी जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
वर्जन
पीएनबी करेंसी चेस्ट में जाली नोट मामले की जांच एनआईए कर रही है। पुलिस से जो भी सहयोग मांगा जाता है, उसे उपलब्ध कराया जा रहा है। एनआईए की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
व्योम बिंदल, एसपी सिटी