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पटाखा फैक्टरी में धमाका: दीपराज व संदीप के सिर, हाथ और पैर हो गए अलग, आधा किमी दूर तक पेड़ों पर टंगे थे चीथड़े

Fri, 24 Jul 2026 10:48 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

Saharanpur News: सहारनपुर के कुंडाबसी गांव में स्थित पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट से ठेकेदार दीपराज और संदीप की मौत हो गई। जबकि दो मजदूर आकाश और राहुल का कुछ पता नहीं चल रहा है। धमाके की आवाज पांच किमी दूर तक सुनी गई। 
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दीपराज व संदीप की फाइल फोटो और मौके पर जांच करती फोरेंसिक टीम। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में गंगोह-बिड़ौली मार्ग पर कुंडाबसी गांव में स्थित पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार शाम हुए भीषण विस्फोट में ठेकेदार दीपराज (23) और संदीप (25) की मौत हो गई। फैक्टरी में काम में लगे दो मजदूर लापता हैं। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी का मलबा और शवों के अवशेष लगभग 600 मीटर दूर तक बिखरे मिले। मौके पर पहुंचे डीएम अरविंद कुमार चौहान ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।

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दोनों लापता युवक राहुल और आकाश। - फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी के एक हिस्से में विस्फोट शाम करीब साढ़े चार बजे तब हुआ, जब आतिशबाजी के लिए मिश्रण तैयार किया जा रहा था। उस समय 20 मजदूर दूसरी तरफ काम कर रहे थे। विस्फोट होते ही काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। मिश्रण तैयार करा रहे ठेकेदार दीपराज, संदीप निवासी गांव बांझड थाना ढोढवा इंदौर के चीथड़े उड़ गए। उनके हाथ, पैर और सिर तक अलग हो गए। कुछ अंग आसपास के पेड़ों पर भी लटके हुए थे। पुलिस टीम ने अंगों को इकट्ठा कराया। दो मजदूर लापता हैं। 
 
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मौके पर लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि हादसे के समय वहां पर आकाश और राहुल भी थे, लेकिन उनका पता नहीं है। मौके पर पहुंचे डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह और एफएसओ प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने विस्फोट की वजहों की जानकारी ली।
 

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धमाके से हुए गड्ढे को देखते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
ये बोले डीएम
फैक्टरी में किन कारणों से विस्फोट हुआ है, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। दो ठेकेदारों के शव मिले हैं, जबकि दो मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। फैक्टरी के पास 2028 तक पटाखा बनाने का लाइसेंस है।
- अरविंद कुमार चौहान, डीएम
 
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धमाके से टूटी दीवार। - फोटो : अमर उजाला
भूकंप जैसे झटके लगे, हिलने लगा मकान, धमाके से दहल गया इलाका
पटाखा फैक्टर में धमाका इतना तेज था, एक बार को लगा जैसे भूकंप आ गया। फैक्टरी के आसपास गांव में मकान की दीवारों में दरार तक आ गई। पूरा इलाका धमाके से दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पूरा वाकया बयां किया। 
फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर सूरज ने बताया कि हम लोग फैक्टरी के अलग हिस्से में काम कर रहे थे, जहां पर पटाखों का मसाला बनता है। फैक्टरी में स्थानीय लोग भी काम करते हैं। जिस समय धमाका हुआ, वह उस जगह से अलग थे। इसीलिए जान बच गई।
मजदूर नितिश का कहना है कि एक सप्ताह से फैक्टरी में काम कर रहा हूं। दूसरी साइड में काम कर रहा था। जिस समय धमाका हुआ, कुछ भी समझ नहीं आया कि किधर भागें। बाद में सड़क की तरफ भागकर जान बचाई। वहीं, धमाका इतना तेज हुआ था कि कुंडाबसी ही नहीं बल्कि आसपास के गांव में मकानों में दरारें आ गई थी। लोग घरों से बाहर निकल आए थे।
 
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मौके पर एकत्र लोग। - फोटो : अमर उजाला
450 रुपये मिलती है मजदूरी
फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि प्रतिदिन की मजदूरी 450 रुपये मिलती है। अधिकांश मजदूर बाहर के रहने वाले हैं। इसलिए सभी फैक्टरी में ही रहते हैं। स्थानीय मजदूर काम निपटने के बाद घर चले जाते हैं।
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गमजदा साथी मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
पटाखा फैक्टरी में मुनाफे की दौड़ में दांव पर जिंदगियां
मुनाफे की दौड़ में जिंदगियों को दांव पर लगाया जा रहा है। फैक्टरियों को लाइसेंस देते समय मानकों का पालन नहीं करने और बाद में भी जांच में बरती जाने वाली लापरवाही ऐसे हादसों के लिए जिम्मेदार है।
गंगोह, सरसावा, देवबंद, बिहारीगढ़ और महानगर में चिलकाना रोड, बेहट रोड, मोहल्ला आतिशबाजान में कई बार अवैध पटाखा फैक्टरी पकड़ी जा चुकी हैं। इसके बावजूद चोरी-छिपे कई इलाकों में अब भी फैक्टरियां संचालित हो रही है। उधर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से चेकिंग अभियान चलता रहता है, जो फैक्टरियां लाइसेंसी हैं, वहां पर सभी मानक पूरे कराए जाते हैं।
 

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खुले में रखे तैयार पटाखे। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में पूर्व में हो चुकीं घटनाएं
- 26 अप्रैल 2026 को देवबंद के निहालखेड़ी गांव स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। इसमें तीन लोगों की जान गई थी।
- सात मई 2022 को सरसावा के पास स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। कई किलोमीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी थी। इस हादसे में फैक्टरी मालिक समेत तीन से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- वर्ष 2019 में थाना कुतुबशेर के चंद्र विहार कॉलोनी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। घर में ही पटाखा फैक्टरी चल रही थी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई।
- वर्ष 2020 में बिहारीगढ़ के सतपुरा क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ था। धमाके में आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे थे। गुस्साए लोगों ने मालिक की कार भी तोड़ दी थी। इसी फैक्टरी में मई 2022 में भी धमाका हुआ था, जिसमें दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
- वर्ष 2019 में पुंवारका में फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। धमाके में आधा दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए थे। इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
- अगस्त 2023 में गागलहेड़ी क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया था। धमाके में एक मजदूर की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। रामपुर मनिहारान में भी वर्ष 2016 में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था।

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टेंट में रखे पटाखे। - फोटो : अमर उजाला
शामली के चौसाना तक पहुंची विस्फोट की गूंज
विस्फोट की गूंज शामली जिले के चौसाना, दथेड़ा क्षेत्र तक सुनाई दी। चौसाना से इस फैक्टरी दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। तेज धमाके के बाद कई गांवों में लोग दहशत में आ गए। लोगों का कहना है कि विस्फोट इतना तेज था कि घर और जमीन तक हिलती महसूस हुई। 
चौसाना निवासी अहसान और दथेड़ा गांव निवासी सादिक ने बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और कुछ देर के लिए उन्हें लगा कि घर हिल रहा है। चारों ओर सन्नाटा छा गया। परिवार के सदस्य भी डर गए। नया कुंडा गांव के प्रधान सनव्वर ने बताया कि धमाके के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे और बड़े हादसा स्थल की ओर दौड़ पड़े। मौके पर चारों तरफ धुंआ फैला था और भयावह मंजर दिखाई दे रहा था।
 
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सहमे बैठै फैक्टरी कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
दथेड़ा के तीन युवकों की भी जा सकती थी जान
दथेड़ा गांव के तीन युवक भी इसी पटाखा फैक्टरी में काम करते थे। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को जुमे की नमाज के कारण उन्होंने छुट्टी कर रखी थी, जिसके चलते फैक्टरी नहीं गए। यदि वह ड्यूटी पर होते तो उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती थी। चौसाना निवासी मुबारिक ने बताया कि वह फैक्टरी के पास स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाने आया था। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और जमीन हिलती महसूस हुई। 

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