Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनर के हबीबपुर गांव में इस्लाम के कच्चे मकान की दीवार और छत गिर गई। छह बच्चों के साथ खाना खा रहा इस्लाम दब गया। इस्लाम और चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर है।
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इस्लाम और अलसिबा की फाइल फोटो ओर जेबीसी से मलबे को हटवाती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
मजदूर इस्लाम कस्सार के घर मौत ने झपट्टा मारा तो हबीबपुर सीकरी गांव में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में कुछ ही देर पहले तक बच्चे खाना खाने की तैयारी कर रहे थे, वहां पर मौत का मातम पसर गया। बस्ती में शोर मचा तो पहले ग्रामीण कुछ समझ नहीं पाए। करीब एक घंटे तक सिर्फ घायल होने की जानकारी ही दी जाती रही लेकिन देर रात परिवार के मुखिया और चार बच्चों की मौत से गांव में गम का माहौल बन गया।
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मलबे को जेसीबी से हटवाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया कि मजदूर परिवारों ने अपनी पिछली दीवार पक्की की हुई है, जबकि आगे का हिस्सा कच्चा है। रविवार रात बारिश के कारण ईंटों की दीवार गिरने के कारण ही छत गिरी और पूरा परिवार मलबे में दब गया। मोहल्ले के लोगों ने शोर सुना लेकिन एकाएक कुछ समझ नहीं आया। पड़ोसी बाहर निकले तो इस्लाम का मकान गिरा मिला। इसके बाद गांव में शोर मचा, जिसके बाद राहत के लिए लोग पहुंचे।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में इनकी मौत
नाम व उम्र
इस्लाम 58
रुखसार 10
आहद 05
अलसीबा 04
जीशान 01
ये हुए घायल
रुकैया 06
सुमैया 07
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मौके पर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
ये है मामला
फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर सीकरी गांव में रविवार रात तेज बारिश और हवा के चलते कच्चा मकान ढह गया। इसमें एक ही परिवार के छह बच्चों समेत सात लोग मलबे में दब गए। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला और सीएचसी पहुंचाया, वहां चिकित्सकों ने इस्लाम और उसके चार बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
इस्लाम (58) मजदूरी करता था। रात को वह अपने छह बच्चों बेटी रुकैया (8) रुखसार (10), अलसीबा (4), सुमैया (7), आहद (5) और एक साल के जीशान के साथ घर में खाना खा रहा था। इसी दौरान पहले मकान की एक दीवार गिरी फिर छत गिर गई, जिससे पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया गया। घायलों को निजी वाहनों और एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां इस्लाम, रुखसार, आहद, अलसीबा और जीशान को मृत घोषित कर दिया गया। रुकैया और सुमैयार गंभीर रूप से घायल हैं।
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बचाव कार्य में जुटी पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल पहुंचे राज्यमंत्री अग्रवाल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल देर रात स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां पर हादसे में घायल दो बच्चों को भर्ती कराया गया है। अग्रवाल ने बताया कि परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने यह बताया
बारिश के दौरान उन्हें एकाएक जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद बस्ती में चीखने की आवाज आई। ग्रामीण शोर मचाते हुए मौके की तरफ भागे। राहत कार्य शुरू किया लेकिन करीब आधा घंटा मलबे में दबे परिवार तक पहुंचने में लग गया। ग्रामीण मुजस्सिर ने बताया कि सैकड़ों लोगों ने मलबा हटाने में मदद की है।
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जेसीबी से हटवाया मलबा।
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10 सदस्यों का परिवार, पड़ोस में गई थी पत्नी और दो बच्चे
हादसे के वक्त इस्लाम की पत्नी जैबून (59 ) किसी काम से मोहल्ले में ही गई हुई थी। उसके साथ 14 साल की बेटी शहजादी और शुभान भी चला गया। इसी वजह से यह तीनों हादसे की चपेट में आने से बच गए। परिवार में कुल 10 सदस्य थे, इनमें पांच की मौत हो गई और दो घायल है।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
ये बोले कमिश्नर
मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने, घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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घायल को अस्पताल ले जाते।
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जनप्रतिनिधियों ने जताया हादसे पर दुख
रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान, चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, डॉ. सत्येंद्र पाल और राकेश शर्मा ने हादसे पर दुख जताया।
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मौके पर एकत्र लोग।
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हबीबपुर में पहली बार हुआ ऐसा हादसा
हबीबपुर गांव में पहली बार इतना दुखद हादसा हुआ है। प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया कि इससे पहले इस तरह की दुखद घटना गांव में नहीं हुई। हादसे के बाद प्रत्येक घर से लोग मदद करने के लिए पहुंचे।
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अस्पताल में भर्ती मासूम।
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इस बार अब तक हुई रिकॉर्ड बारिश
जिले में इस बार लगातार बारिश के कारण रिकॉर्ड बना है। गन्ना शोध संस्थान के आंकड़ों की मानें तो अभी तक करीब 425 मिमी बारिश जुलाई माह में हो चुकी है। नदियों के ऊफान और बारिश के कारण लगातार मकान गिरने के मामले सामने आए हैं।
अब तक बारिश में हुई आठ मौत
रविवार रात इस्लाम और उसके परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। जुलाई माह में ही अब तक बारिश के दौरान हादसों में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मंसूरपुर और लच्छेड़ा में दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि सोरम में बालक ईंट भट्ठे की पथेर के पानी में डूब गया था।