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मौसम ने बिगाड़ा धान उत्पादन का गणित, किसान परेशान

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मौसम ने बिगाड़ा धान उत्पादन का गणित, किसान परेशान
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सहारनपुर। बरसात में कम हुई बारिश और सितंबर में बढ़े तापमान से धान उत्पादन का गणित बिगड़ता दिख रहा है। जहां धान का उत्पादन गिर रहा है वहीं फसल के समय में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं मौसम की बेरुखी का असर फसलों पर साफ देखने को मिला है। धान की फसल पर बीमारियां भी अधिक रही। जिससे फसल पर लागत बढ़ी और अब किसानों को पसीना छूट रहा है। अमर उजाला ने किसानों से धान के उत्पादन और फसल की कटाई को लेकर बातचीत की तो किसानों का दर्द सामने आया।
ये बोले किसान-
- नकुड़ निवासी किसान श्याम सिंह राणा का करना है कि सितंबर माह में गर्मी ज्यादा होने से धान की पैदावार में कमी होने की आशंका है। ऊपर से बीमारियों ने फसल को चपेट में ले रखा है।
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- गांव शाहपुर गाडा के पूर्व प्रधान चौधरी मोहम्मद इनाम का कहना है कि 50 बीघा धान की फसल है। बारिश कम होने और सितंबर माह में तापमान अधिक होने का असर धान के उत्पादन पर साफ दिखेगा।
गांव शाहपुर गाडा के किसान मोहम्मद कुर्बान चौधरी का कहना है कि धान की फसल में जबरदस्त बीमारी का प्रकोप रहा है। कीट लगने से धान सिकुड़ना शुरू हो गया है। जिसका असर उत्पादन पर आएगा।
किसान प्रवेश कुमार निवासी ग्राम बरसी का कहना है कि धान की फसल बीमारियों की चपेट में रही है। उत्पादन गिरना तय है। बारिश के पानी का अभाव भी एक मुख्य कारण है। फसलों में भारी नुकसान का अनुमान है।
60 हजार हेक्टेयर में धान की फसल
सहारनपुर। जिले में बडे़ पैमाने पर धान की खेती होती है। जिसमें बासमती की खेती करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। इनमें पूसा नंबर-1, पूसा बासमती-1121, बासमती-1509, शरबती, सुगंधा आदि प्रजातियां प्रमुख हैं।
धान की स्थिति, आंकड़ों में
जनपद में धान का कुल रकबा - 60 हजार हेक्टेयर
मोटा एवं सामान्य धान का रकबा - 12 हजार हेक्टेयर
बासमती धान का क्षेत्रफल - 48 हजार हेक्टेयर
- दो डिग्री ज्यादा चल रहा तापमान
सहारनपुर। सितंबर माह में अन्य वर्षों की तुलना में करीब 02 डिग्री सेल्सियस तक तापमान अधिक है। मुजफ्फराबाद स्थित मौसम वैधशाला के प्रभारी उमेश कुमार के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दो दिन पहले ही 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जो बीते वर्षों की अपेक्षा ज्यादा रहा।
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- चार वर्षों में सितंबर का औसत तापमान
2017 में न्यूनतम 18.5 और अधिकतम 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
2018 में न्यूनतम 20.5 और अधिकतम 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
2019 में न्यूनतम 21 और अधिकतम 35.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
2020 में न्यूनतम 22 और अधिकतम 38.5 डिग्री तक पहुंच गया है।
इनका कहना है
- अभी धान की फसल पर तापमान का कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि धान की रोपाई जुलाई में होती है। और फसल पकने के बाद अक्तूबर या नवंबर के शुरूआत में इसकी कटाई शुरू होती है।
डा. आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केन्द्र।
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