संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गोशाला से निकलने वाले दूषित पानी को साफ करने के लिए नगर निगम ईटीपी (अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र) लगाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिस पर बोर्ड की मुहर लगना बाकी है।
नवादा रोड पर नगर निगम द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गोशाला प्रदेश की चुनिंदा गोशालाओं में से एक है। यहां 500 से अधिक गोवंश की पोषण होता है। गोवंश के पोषण पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए नगर निगम गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह के प्रयोग कर रहा है। गोशाला में 25 तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें गोनाइन (फिनाइल), जैविक खाद, गो काष्ठ, दीये, संभ्रानी कप, धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन स्टिक, तोरणद्वार, राखी, नेम प्लेट, तिरंगा चेस्ट बैज, गणेश और लक्ष्मी सहित अनेक देवी देवताओं की मूर्तियां, गोमय प्राकृतिक पेंट, गुलाल आदि शामिल हैं। यह सामान देश के कई राज्यों में ऑनलाइन खरीदा जा रहा है।
अब नगर निगम की गोशाला में एक और अध्याय जुड़ने जा रहा है। वैसे तो ज्यादातर गोमूत्र उत्पाद तैयार करने में इस्तेमाल हो जाता है, लेकिन गायों को नहलाने और पानी से गोशाला की धुलाई के बाद जो दूषित पानी निकलता है। नगर निगम उसको साफ कर पुन: इस्तेमाल में लाने लायक बनाएगा। इसके लिए जलकल अनुभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें गोशाला के पास ईटीपी लगाने की योजना है। ईटीपी के जरिए दूषित पानी को साफ कर पुन: इस्तेमाल में लाया जाएगा।