फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जसवंत की ताजपोशी से साधा 2022 का समीकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। वैसे तो जसवंत सैनी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे हैं, लेकिन अब अध्यक्ष पद पर उनकी ताजपोशी के कई मायने हैं। क्योंकि छह महीने बाद ही 2022 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिस कारण सैनी समाज को साधने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन

यह इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि कई विधानसभा क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग में शामिल सैनी समाज के वोटर समीकरणों को प्रभावित करने का दम रखते हैं। सहारनपुर जिले की ही बात करें तो यहां पर बेहट, नकुड़ और रामपुर मनिहारान विधानसभा क्षेत्र में इनकी काफी संख्या है। इसके अलावा शामली जिले की थानाभवन और कैराना विधानसभा सीट पर भी सैनी समाज के मतदाताओं का रुझान चुनावी नतीजों में फेरबदल करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में खतौली विधानसभा सीट पर भी कमोवेश यही स्थिति है। वहीं, बिजनौर और मुरादाबाद मंडल की भी कुछ सीटों पर सैनी समाज के मतदाताओं की अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है। अब जिस तरह से जसवंत सैनी को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, उससे कहीं ना कहीं भाजपा की 2022 के चुनाव की तैयारी की झलक मिलती है।
---- हर दल की रही इस वोट बैंक पर निगाह
सैनी समाज के मतदाताओं पर हर राजनीतिक दल की नजर रही है। यही वजह है कि प्रदेश में लंबे समय से ऐसा हुआ है, जब किसी भी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन उसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सैनी समाज का प्रतिनिधित्व जरूर रहा। पार्टी संगठन में उच्च पदों पर स्थान दिया गया है। मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो सहारनपुर जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी हैं तो, नकुड़ से विधायक डॉ. धर्म सिंह सैनी प्रदेश सरकार में आयुष मंत्री हैं। वहीं, पूर्व में सपा सरकार के दौरान साहब सिंह सैनी को बीज निगम चेयरमैन से लेकर एमएलसी और फिर कैबिनेट मंत्री तक बनाया गया। वहीं, डॉ. धर्म सिंह सैनी 2012 में बनी प्रदेश में बसपा सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें