सहारनपुर। पश्चिमी यूपी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ का दौर जारी है। इस साल पुलिस ने अब तक नौ अपराधियों को ढेर कर आतंक का अंत किया। इन अपराधियों में कई कुख्यात एक-एक लाख के इनामी भी थे, जिन पर हत्या, डकैती और लूट समेत अन्य संगीन धाराओं में मामले दर्ज थे।
मुजफ्फरनगर :
- इसी साल 14 जुलाई को एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद खालापार निवासी शाहरुख पठान को मार गिराया था। छपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसटीएफ की टीम का बदमाश से आमना-सामना हुआ था।
- 28 सितंबर 2025 को खालापार निवासी एक लाख के इनामी नईम कुरैशी को मुजफ्फरनगर के मीरापुरा थाना पुलिस ने ढेर कर दिया था। वह लूट के मामले में फरार चल रहा था।
- शामली जिले के थाना भवन निवासी मेहताब उर्फ गलकटा लूट के मामले में फरार चल रहा था। सितंबर माह में उस पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ था। 3 अक्तूबर को बुढ़ाना में मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से ढेर हो गया था।
सहारनपुर :
- पांच अक्तूबर को सरसावा और गागलहेड़ी थाना पुलिस ने एक लाख के इनामी बदमाश इमरान निवासी सोंटा रसूलपुर, जिला शामली को ढेर कर दिया था। उस पर डकैती, लूट आदि 16 मुकदमे दर्ज थे। इससे पहले 21 मई को 2020 में देहात कोतवाली क्षेत्र में विरासत उर्फ मतलूब निवासी घानाखंडी को ढेर किया था।
बागपत :
- मवीकलां गांव के यमुना पुश्ते पर 29 जून की रात नोएडा एसटीएफ और बागपत कोतवाली पुलिस की एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संदीप लोहार निवासी भैणी महाराजपुर जिला रोहतक के साथ मुठभेड़ हो गई थी। इसमें गोली लगने से संदीप की मौत हो गई। संदीप के खिलाफ ट्रक चालकों की हत्या, लूट समेत कई मुकदमे दर्ज थे।
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शामली :
- चौसाना क्षेत्र में उदपुर भट्ठे के निकट 21 जनवरी 2025 को एसटीएफ मेरठ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में मुस्तफा गैंग का एक लाख का इनामी अरशद निवासी गांव बाढ़ी माजरा, जिला सहारनपुर और उसके तीन साथी मंजीत निवासी गांव रोहट जिला सोनीपत, सतीश निवासी अशोक विहार करनाल और मनवीर निवासी गांव पीर बडोली जिला करनाल हरियाणा मारे गए थे। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार बदमाशों की गोली से घायल हुए थे। उपचार के दौरान वे बलिदानी हो गए थे।
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बिजनौर :
- जिले में 11 अप्रैल 2023 की रात ढाई लाख के इनामी आदित्य राणा को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। वह गांव राना नंगला का रहने वाला था, जिस पर हत्या, लूट सहित 40 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज थे। इसके बाद अभी तक बिजनौर में कोई बदमाश मुठभेड़ में नहीं मारा गया।