सहारनपुर। नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। कोरोना की दूसरी लहर में देश भर के श्मशान घाटों में लकड़ी की कमी को देखते हुए निगम ने विद्युत शवदाह गृह बनाने का निर्णय लिया था।
महापौर संजीव वालिया ने बताया नगर निगम ने आईटीसी के सहयोग से विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया है। आईटीसी ने 53 लाख की मशीन भेंट की है। मशीन के लिए दस किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लगाने के साथ ही प्लेट फॉर्म भी बनाया गया है। आपातकालीन स्थिति के लिए 25 केवीए का जनरेटर भी लगाया गया है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सहारनपुर को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में विद्युत शवदाह गृह की शुरुआत की है। लकड़ी से शवों के अंतिम संस्कार के लिए पेड़ों का कटान होता है। इससे पर्यावरण पर दोहरी मार पड़ती है, क्योंकि एक तरफ पेड़ काटे जाते हैं और दूसरी ओर लकड़ी से शव जलाने से वायु प्रदूषण होता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम शहर के अन्य श्मशान घाटों में भी विद्युत शवदाह गृह निर्माण की योजना पर काम कर रहा है। विद्युत मशीन से 50 मिनट में अंतिम संस्कार पूर्ण हो जाता है। इस दौरान नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ. कुनाल जैन, बाल कृष्ण अरोड़ा, कैप्टन रौनी, पामीश, सचिन कांबले, कृष्णलाल ठक्कर, राजकुमार जौली, पार्षद रमेश छाबड़ा, दीपक अनेजा, सुमित अरोड़ा, दर्शनलाल कोचर आदि मौजूद रहे।