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UP: गुजरे जमाने में था बिल्ले का क्रेज, अब ऐसे बदल गया चुनाव प्रचार का तरीका, पढ़ें- आखिर क्या बता रहे नदीम

Sun, 24 Mar 2024 02:27 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

Saharanpur News : एक जमाना था, जब बिल्लों से चुनाव प्रचार किया जाता था। लेकिन अब चुनाव प्रचार का तरीका ही बदल गया है। पढ़िए आखिर नदीम क्या बता रहे हैं।
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बिल्लों की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक समय में चुनाव प्रचार का तरीका एकदम जुदा था। इसी सिलसिले में चुनाव के दौरान बिल्लों की अहम भूमिका होती थी। प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर बिल्ले बांटते थे। दिलचस्प बात यह है कि ये बिल्ले बच्चों के लिए भी क्रेज से कम नहीं होते थे।

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तीन दशक पूर्व राजनीतिक दलों के प्रत्याशी लाखों की संख्या में बिल्ले छपवाते थे। बच्चे और युवाओं में बिल्लों को लेकर बेहद उत्साह रहता था। कह सकते हैं कि जिसके सबसे ज्यादा बिल्ले, उसी की शहर में हवा मानी जाती थी। लेकिन सोशल मीडिया के जमाने में बिल्लों की भूमिका खत्म हो गई। सहारनपुर के रामनगर निवासी नदीम खान बताते हैं कि बिल्लों से चुनाव प्रचार आसानी से होता था। उन्होंने भी घर-घर बिल्ले बांटे थे। 

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तीन तरह के बिल्ले होते थे तैयार
बिल्ले तीन तरह के होते थे। सामान्य बिल्ले कागज पर छपवाए जाते थे। प्लास्टिक के बिल्ले भी तैयार कराए जाते थे। कपड़ों पर लगाने के लिए पिन वाले बिल्लों की मांग रहती थी।

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