एलिवेटेड रोड पर चट्टान गिरने से रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम करते मजदूर। संवाद
छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण को लेकर प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर एनएचएआई के अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सैकड़ों मजदूर एलिवेटेड रोड की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई के साथ ही फुलवारी तैयार करने में जुटे हैं। डाट मंदिर से पहले पिछली बरसात में खोखले हुए पहाड़ों से चट्टानों को गिरने से रोकने के लिए इंजीनियरों की देखरेख में सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं।
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से देहरादून तक 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने एक्सप्रेसवे का अप्रैल में लोकार्पण प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया है। राज्य सरकार की तरफ से अप्रैल के पहले सप्ताह, 13 अप्रैल और केदारनाथ बाबा के कपाट खुलने वाले दिन 22 अप्रैल की तारीखें प्रधानमंत्री कार्यालय को दी हैं।
सहारनपुर के गणेशपुर टोल प्लाजा के पास छह हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। इनमें तीन एक जगह और दूसरे तीन छह सौ मीटर दूर बन रहे हैं। माना जा रहा है कि यहीं पर प्रधानमंत्री का हेलीकाॅप्टर उतरेगा और वह फिर यहां से कार द्वारा एशिया के सबसे लंबे वन्य जीव गलियारे 575 पिलरों पर बनाई गई एलिवेटेड रोड का निरीक्षण करते हुए डाट काली मंदिर तक जाएंगे। वहां लोकार्पण समारोह के साथ ही माता के दर्शन भी प्रधानमंत्री करेंगे। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रधानमंत्री के निरीक्षण की संभावना के मद्देनजर एलिवेटेड रोड को चमकाया जा रहा है। रेलिंग पर फिर से पेंटिंग की जा रही है। गणेशपुर में डिवाइडर वाले हिस्से पर फुलवारी लगाई जा रही है। गत वर्ष बरसात में आधा दर्जन स्थानों पर पहाड़ से मलबा एलिवेटेड रोड पर आ गया था। यहां चट्टान गिरने का डर बना था। इन्हें रोकने के लिए जाल लगाकर सुरक्षा उपाय पुख्ता किए जा रहे हैं।
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आबादी क्षेत्रों में भी चल रहा सफाई अभियान
सहारनपुर जिले की सीमा से गुजर रहे एक्सप्रेसवे के आसपास पड़े गंदगी के ढेरों को भी हटाने का काम तेजी के साथ किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस पूरे एक्सप्रेसवे की ड्रोन से वीडियो बनाकर प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी जाएगी।