- सरसों की फसल का निरीक्षण करते कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डाक्टर आईके कुशवाहा
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मौसम में उतार-चढ़ाव से रबी की फसलों पर माहू किट का असर
सहारनपुर। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते गेहूं, सरसों आदि रबी की फसलों पर माहू कीट का प्रकोप दिखाई देने लगा है। हल्के पीले एवं काले रंग के ये कीट पौधे की पत्तियों और फूलों का रस चूसकर पौधों को कमजोर कर देते हैं, जिससे उत्पादन पर विपरीत असर पड़ता है।
दिन में हल्की गर्मी और रात को सर्दी के चलते रबी के फसलों पर माहू कीट का असर दिखाई देने लगा है। छोटे आकार का यह कीट झुंड में फसलों पर हमला करते हैं। यह कीट पौधे के जिस भाग से रस चूसता है वहां पर एक चिपचिपा स्राव छोड़ता है। जिसके कारण वहां पर काली फफूंदी ( सूटी मोल्ड) बढ़ जाती है। इससे प्रभावित भाग काले रंग का दिखाई देता है। इससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। माहू के अधिक प्रकोप से फसल का उत्पादन घट जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर आईके कुशवाहा ने बताया कि माहू कीट से प्रभावित फसल पर नीम ऑयल की 300 मिलीलीटर मात्रा प्रति 100 लीटर पानी में मिलाकर और इस घोल में 10 ग्राम वाशिंग पाउडर डालकर दोपहर के बाद छिड़काव करने से फसलों को राहत मिलती है। सरसों में सुबह के समय इस घोल का छिड़काव करने पर कीट का पराग कण झड़ जाता है। यदि माहू का अधिक प्रकोप हो तो किसानों को शुरुआती दौर में ही रसायनिक कीटनाशक का प्रयोग करनी चाहिए।