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यूपी और उत्तराखंड में योग्य शिक्षकों की कमी : राणा

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यूपी और उत्तराखंड में योग्य शिक्षकों की कमी : राणा
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सहारनपुर। उत्तराखंड के कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल के वाइस चांसलर प्रोफेसर केएस राणा ने सहारनपुर मंडल में यूनिवर्सिटी की मंजूरी पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों को सराहा है। साथ ही यह भी कहा कि यूपी सरकार को इस यूनिवर्सिटी के लिए जल्द ही जमीन का प्रस्ताव फाइनल कर इस पर काम शुरू करना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि यहां की सरकार चाहे तो सहारनपुर में ही आईआईटी के रुड़की कैंपस का प्रयोग यूनिवर्सिटी के लिए किया जा सकता है। यहां इसके लिए पर्याप्त जगह है।
प्रोफेसर राणा रविवार को जेवी जैन कालेज में आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंचे थे। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह विवि बनने से चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी का बोझ काफी कम होगा। इस समय इस विवि पर एक हजार से अधिक कालेजों का बोझ है। ऐसे में यूनिवर्सिटी रन करना आसान नहीं है। वहीं, रीजनल लेवल पर सहारनपुर से लेकर पास ही रुड़की, हरिद्वार जैसे शहरों के युवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
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उन्होंने कहा कि यूपी, उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक के अधिकतर विश्वविद्यालयों और कालेजों में पात्र शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। करीब 50 फीसदी सीटें खाली पड़ी हैं। न तो प्रोन्नति हो रही है और न ही नई भर्तियां हो रही है। इसके चलते शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
एक यूनिवर्सिटी में 100 से ज्यादा कालेज नहीं होने चाहिए
प्रोफेसर राणा ने कहा कि केंद्र सरकार के रुल रेगुलेशंस में व्यवस्था है कि एक यूनिवर्सिटी में 100 से ज्यादा कालेज नहीं होने चाहिए। इसी को देखते हुए आगे भी यूनिवर्सिटी खुलनी चाहिएं। उन्होंने निजी कालेजों को अधिक खोले जाने पर एतराज जताया। कहा कि महज पांच प्रतिशत निजी कालेज ही सही शिक्षा दे पा रहे हैं।
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कोरोना पर सभी यूनिवर्सिटी भी सतर्क
वीसी ने बताया कि यूपी और उत्तराखंड दोनों ही राज्यों में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी है। इसलिए छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए और उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए शिक्षक कार्य करें।
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