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संगम में स्नान और दीपदान कर कमाया पुण्य

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नानौता क्षेत्र के कुंआखेडा संगम पर कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करते श्रृद्धालुगण। - फोटो : SAHARANPUR
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नानौता (सहारनपुर)। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर नानौता क्षेत्र के ग्राम कुआं खेड़ा के बाहरी छोर बने गंगा - यमुना के पवित्र संगम पर क्षेत्र व दूरदराज से आए लोगों ने स्नान, दीपदान, हवन कर पुण्य कमाया। हालांकि संगम स्थल पर हर बार की तरह प्रशासन की बेरुखी लोगों को जमकर खली।
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मंगलवार को पूर्णिमा पर धार्मिक महत्व के दृष्टिगत काफी संख्या में पहुंचे श्रृद्धालुओं ने मां गंगा की आरती व हर-हर गंगे के जयघोष से सूने संगम स्थल पर मंगल दिखाई दिया। इस दौरान श्रृद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर फूल, दीया और पैसे संगम में डालकर प्रवाहित कर सुख समृद्धि की मनोकामना मांगी।
संगम स्थल पर सुविधाओं से वंचित रहे श्रृद्धालु
कुआं खेड़ा संगम क्षेत्र में करीब नौ वर्ष पूर्व बना तो दूरदराज व क्षेत्रवासियों ने सोचा था कि अब हरिद्वार या इलाहाबाद जाने की आवश्यकता कम रह गई, लेकिन प्रशासन व सिंचाई विभाग अधिकारियों की बेरुखी का आलम यह है कि आज तक संगम स्थल पर गरमी या सरदी से बचाव के लिए कोई कमरा या टीनशेड नहीं बनवाया। न ही महिला श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने के लिए कोई इंतजाम ही किए। इसके चलते महिलाओं की वहां स्नान करने में भारी परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं बसों से यात्रा कर संगम पर नहाने आने वाले श्रृद्धालुओं को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से करीब छह किमी की दूरी पैदल चलकर पूरी करनी पड़ती है तथा वापसी भी पैदल ही करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा संगम स्थल पर लोगों को लाने व लाने वाले वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं की।
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नगर व क्षेत्र के मंदिरों में कार्तिकेय की पूजा हुई
कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह से ही महिलाओं व श्रृद्धालुओं की लंबी लंबी कतारें मंदिरों में देखी गई। जहां पर भगवान कार्तिकेय को तेल से नहलाकर उन्हें प्रसन्न किया और उनसे मन्नते मांगी। नगर के देवबंद रोड कॉलोनी, अस्पताल परिसर स्थित, संतोष विहार, गंगोह रोड स्थित नगर के विभिन्न मंदिरों में भारी भीड़ रही। जहां हवन पूजन आदि किया।
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