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#LadengeCoronaSe: आइसोलेशन में ड्यूटी, निर्भीकता से निभा रहे फर्ज, भावुक कर देगी इनकी कहानी

Tue, 27 Apr 2021 05:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

संकट की इस घड़ी में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कोई आइसोलेशन वार्ड में तैनात है तो कोई मॉनिटरिंग करने में। हर मोर्चे पर यह संकट के सिपाही बनकर डटे हैं।
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कोरोना योद्धा, वार्ड सहायक एम याहिया - फोटो : amar ujala
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संकट की इस घड़ी में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कोई आइसोलेशन वार्ड में तैनात है तो कोई मॉनिटरिंग करने में। हर मोर्चे पर यह संकट के सिपाही बनकर डटे हैं। ऐसे ही कोरोना योद्धाओं में शामिल हैं एसबीडी जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मी। इनकी ड्यूटी छह-छह घंटे की लगती है, लेकिन ड्यूटी का पूरा समय संक्रमित व्यक्तियों के बीच बीतता है। ऐसे में खुद को भी संक्रमण से बचाए रखने के लिए पूरे इंतजाम करने पड़ते हैं। पेश है रिपोर्ट...

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भर्ती हो चुके हैं 50 से ज्यादा मरीज
सहारनपुर में एसबीडी जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एल-1 कोविड केयर सेंटर है। यहां भी रोजाना कोरोना संक्रमित पहुंचते हैं। संक्रमण के बढ़ने पर अब तक यहां 46 संक्रमितों को भर्ती किया जा चुका है। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है या ऑक्सीजन स्तर कम होने लगता है, उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। संक्रमितों की देखभाल से लेकर उनको दवाएं देने, कपड़े बदलवाने आदि कार्य में स्वास्थ्य कर्मी लगे हैं।

सिस्टर हैलेन की दूसरी बार लगी ड्यूटी
आइसोलेशन वार्ड में सिस्टर हेलेन बेरेट बताती हैं कि बीते वर्ष भी यहां ड्यूटी लगी, अब फिर से तैनात हैं। मरीजों की देखभाल करते समय पीपीई किट पहनते हैं, बार-बार हाथों को सैनिटाइज करते हैं। खुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक रखने के लिए काढ़ा पीते हैं।
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मामा की मौत होने पर भी नहीं जा सके
वार्ड सहायक के पद पर कार्यरत पीएम याहिया बताते हैं कि उनके मामा का अमृतसर में निधन हो गया था, लेकिन वह यहां ड्यूटी पर थे। इस कारण अपने मामा का अंतिम दर्शन करने के लिए भी नहीं जा सके थे। उन्होंने अपनी ड्यूटी को पहली प्राथमिकता दी।



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