- जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे बुखार, डिहाइड्रेशन के मरीज
- अकेले एसबीडी जिला अस्पताल में एक अप्रैल से तीन जून तक लगी 12625 बोतल
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गर्मी के चलते वायरल बुखार, डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर ग्लूकोज और ओआरएस की खपत दोगुना तक बढ़ गई है। अकेले जिला अस्पताल में दो महीने के अंदर 12 हजार से अधिक ग्लूकोज की बोतल लग गई।
इन दिनों गर्मी की वजह से अस्पतालों के वार्ड मरीजों से फुल हैं। मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों को आईवी फ्लूड (ड्रिप) के जरिए उपचार करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बदलाव, तेज गर्मी और उमस के कारण फूड प्वाइजनिंग और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपने से दूषित भोजन और पानी के सेवन से लोगों को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो रही है।
कई मरीजों को ब्लड प्रेशर अत्यधिक कम हो जाने के कारण उन्हें अर्द्धबेहोशी की हालत में अस्पताल लाया जा रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। उसे दूर करने के लिए ग्लूकोज लगानी पड़ती है। एसबीडी जिला अस्पताल में एक अप्रैल से तीन जून तक 12,625 ग्लूकोज की बोतल मरीजों को लग गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या करीब 10 हजार थी।
आरएल (रिंगर्स लैक्टेट) : शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करने के लिए सबसे ज्यादा दिया जाता है।
- एनएस (नॉर्मल सलाइन) और डीएनएस (डेक्सट्रोज नॉर्मल सलाइन) : कमजोरी दूर करने और शुगर लेवल व सोडियम को नियंत्रित करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
वर्जन
गर्मी में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा मरीज डायरिया, वायरल बुखार और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इसलिए ग्लूकोज और ओआरएस की खपत बढ़ जाती है। - डॉ. रविप्रकाश, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल