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Saharanpur News: औषधि विभाग का छापा, घर में मिली नशीली दवाओं की खेप

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देहात कोतवाली क्षेत्र में शाकंभरी विहार ​स्थित मकान पर 
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- देहात कोतवाली क्षेत्र के शाकंभरी विहार कॉलोनी में बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार
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- 13,344 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद, एक लाख से अधिक है कीमत, दो नमूने लिए गए

- मौके से आरोपी भागा, देहात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज, बरामद दवाइयां की सीज

संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र में शाकंभरी विहार कॉलोनी स्थित सचिन के मकान पर औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने छापा मारा। छापा लगते ही मकान मालिक भाग निकला। बिना लाइसेंस 13,344 ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप पकड़ी गई, जिसकी कीमत एक लाख रुपये से अधिक की आंकी गई। दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
औषधि प्रशासन विभाग को बेहट रोड क्षेत्र में नशीली दवा बिकने की सूचना मिल रही थी। इसी के तहत शनिवार देर रात औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने देहात कोतवाली पुलिस को साथ लेकर बेहट रोड पर शाकंभरी विहार की गली नंबर-तीन में सचिन के मकान पर छापा मारा। मकान की तलाशी ली गई। इस दौरान ट्रामाडोल युक्त स्मैस्मो के 10,248 कैप्सूल और ट्रामाडोल युक्त स्पास्मोरे के 3096 कैप्सूल पाए गए। बरामद कैप्सूलों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख एक हजार 361 रुपये बताई जा रही है। मौका देखते ही सचिन भाग गया। दवाओं की बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं मिला। इसके बाद टीम ने सचिन की पत्नी पिंकी की उपस्थिति में नशीली दवाओं को सीज किया। इस मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपी सचिन के खिलाफ एनडीपीएस की धारा में प्राथमिकी दर्ज की। नशीली दवाओं के दो नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया।
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दर्द निवारक है ट्रामाडोल कैप्सूल
ट्रामाडोल कैप्सूल दर्द निवारक है। इसका उपयोग दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। कुछ लोग इसके नशे के आदी हो गए हैं। इसकी लत लग रही है। नशे के लिए इसका सेवन करना बेहद खतरनाक होता है। यह कैप्सूल नारकोटॉक्सि की श्रेणी में आता है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भागा आरोपी ट्रामाडोल कैप्सूल आसपास के राज्यों से लाता था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, ताकि पता लग सके कि वह नशीले कैप्सूल की सप्लाई कहां-कहां करता था।
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पहले भी पकड़ी जा चुकी है नशीले कैप्सूल की खेप
जिले में नशीले ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप पहले भी पकड़ी जा चुकी है। 18 सितंबर 2024 में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो दिल्ली की टीम ने देवबंद के गांव मंझौल में छापा मारकर नकली दवाएं बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी थी। यहां पर ट्रामाडोल कैप्सूल बनाए जा रहे थे। कच्चे माल की सप्लाई उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश से की जा रही थी। जनवरी 2025 में शहर कोतवाली पुलिस ने राधा विहार कॉलोनी के एक मकान पर छापा मारकर 62 हजार नशीले कैप्सूल, 6600 गोलियां बरामद की थी, जिनमें ट्रामाडोल, प्रोक्सिहोन, प्रोक्सियिको, अल्प्रेक्सिजोल, पेंटाजोन इंजेक्शन मिले थे।
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