राष्ट्रीय कुराश प्रतियोगिताः फाइनल मुकाबले में प्रतिद्वंदी से हार के बाद हताश खिलाडी को सहारा द
सहारनपुर। स्टेडियम में 69वीं राष्ट्रीय कुराश प्रतियोगिता जारी है। मैच समाप्त होने के बाद अलग-अलग दृश्य दिखाई दे रहे हैं। फाइनल मुकाबले में खिलाड़ी को हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद खिलाड़ी की आंखों से सपना टूटने का दर्द बहने लगा, तो दोस्त ने उसके बिखरते हौसले को थामा।
बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी श्रुति का मैच जम्मू कश्मीर की खिलाड़ी सांची के साथ हुआ। दोनों ही खिलाड़ियों ने अंक हासिल करने के लिए जोर आजमाइश की। कभी छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी जम्मू कश्मीर के खिलाड़ी पर भारी पड़ती, तो कभी जम्मू कश्मीर की खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी पर हावी होती नजर आई। दोनों ही खिलाड़ी अंक हासिल करने के लिए जूझते रहे। हालांकि अंत में छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी को हार सामना करना पड़ा।
फाइनल मुकाबले में हार मिलने से श्रुति एकदम टूट सी गई। खिलाड़ी की मायूसी साफ झलक रही थी। सपनों के टूटने का दर्द उसकी आंखों से बह रहा था। इसी बीच उसकी दोस्त आगे बढ़ी, कंधे पर हाथ रखा और बिना कुछ कहे उसे हिम्मत दी। इस पल ने बता दिया कि असली जीत स्कोर बोर्ड पर नहीं, बल्कि हार से संभलने और आगे बढ़ने की है। हार के बाद भी उस खिलाड़ी की दोस्त ने साबित किया कि सच्चा दोस्त वही होता है, जो खुशी में नहीं, बल्कि दुख में आपके साथ खड़ा होता है।
टीम भावना पैदा करते हैं खेल
खेलों का मकसद केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि तन और मन को स्वस्थ बनाना भी होता है। इसके अलावा खेलों के जरिए खिलाड़ियों में मिलकर काम करने यानी टीम भावना पैदा होती है। बृहस्पतिवार को स्टेडियम में जो नजारा देखने को मिला वह टीम भाव को भी प्रदर्शित कर रहा था।