सहारनपुर। खराब इंजीनियरिंग के कारण जलभराव की समस्या से जूझ रहे मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय से जल निकासी की फाइलें दफ्तरों की इस टेबल से उस टेबल तक दौड़ रही हैं, लेकिन धरातल पर समाधान जल्द होता नजर नहीं आ रहा है। यह स्थिति तब है जब यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
विश्वविद्यालय का शिलान्यास दो दिसंबर 2021 को किया गया था। विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था के रूप में चयनित किया गया था, जो मुख्यमंत्री का विभाग है। उम्मीद थी कि कार्य गुणवत्तापूर्ण होगा, लेकिन इंजीनियर्स की लापरवाही के कारण विश्वविद्यालय का स्तर (लेवल) मुख्य मार्ग से नीचा कर दिया गया। नतीजा, बरसात में विश्वविद्यालय परिसर तालाब बन जाता है। वर्ष 2024 और वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय में तीन से चार फीट तक जलभराव रहा है। अगस्त 2025 में कुलपति आवास में जलभराव के कारण कुलपति प्रो. विमला वाई को ट्रैक्टर पर बिठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा था।
उसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष बंसल ने लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था। निर्णय लिया गया था कि विश्वविद्यालय से एक नाला निकाला जाएगा, जो ढमोला नदी में छोड़ा जाएगा, लेकिन एक साल बाद भी नाला निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, विश्वविद्यालय के कुलसचिव कमल कृष्ण ने बताया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाला निर्माण किया जाना है। इसका प्रस्ताव काफी समय पहले शासन और उच्च शिक्षा मंत्री को भेजा गया था, जिसको अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
97.2 करोड़ से हुए हैं पहले चरण के कार्य
विश्वविद्यालय का निर्माण दो चरणों में किया जाना है। पहले चरण में 97.2 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए हैं। इनमें प्रशासनिक भवन, विभिन्न विभागों के भवन, कुलपति आवास, गेट, ओवरहेड टैंक और एसटीपी आदि शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के प्रमुख निरीक्षण
मई 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर खामियों को दूर करने के निर्देश दिए थे।
मार्च 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विश्वविद्यालय का निरीक्षण करते हुए कार्यों का जायजा लिया।
अगस्त 2025 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जलभराव की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया।
वर्ष 2026 में ही लखनऊ की टीम ने पहले चरण के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
12 मई को मौजूदा जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
स्पोर्ट्स कॉलेज तैयार हुआ तो बह गया 100 मीटर का रपटा
सहारनपुर। राजकीय स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण पूरा होते ही अब इसके संपर्क मार्ग पर बना रपटा बह गया है, जिसने स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए जमीन के चयन पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि स्पोर्ट्स कॉलेज का आवंटन बसपा सरकार में हुआ था, तब से कई अड़चनों के चलते निर्माण कार्य लटका रहा। 16 साल बाद अब कार्य पूर्ण हुआ है। प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है तो करीब 100 मीटर लंबा रपटा बह गया है, जिससे कॉलेज का संपर्क कट गया है। कॉलेज के निर्माण पर 120.95 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।