पीएम आवास योजना पर अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर लगाई थी फटकार, लखनऊ भी किया था तलब
नियुक्ति के दस्तावेज फर्जी पाए जाने से डूडा के कर्मचारी और अधिकारी हैरान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। डूडा में 22 माह 12 दिन तक परियोजना अधिकारी बनकर रहे डॉ. अनुज प्रताप सिंह बीते नवंबर में ही अपर मुख्य सचिव रजनीश दूबे के निशाने पर आ गए थे। पीएम आवास योजना पर अमर उजाला द्वारा चलाए अभियान की खबरों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने न केवल बैठक में फटकर लगाई, बल्कि लखनऊ तलब भी किया था। तब से उनकी वापसी तय मानी जा रही थी। उनके द्वारा प्रतिनियुक्ति के दस्तावेज फर्जी पाए जाने की खबर से डूडा के अधिकारी एवं कर्मचारी हैरान हैं।
डॉ. अनुज प्रताप सिंह प्रतिनियुक्ति पर 26 फरवरी 2020 को डूडा सहारनपुर में परियोजना अधिकारी बनकर आए थे। वह 10 जनवरी 2022 तक तैनात रहे। सूडा में जमा उनके दस्तावेजों में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटूराम इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर होना बताया था। ऐसे में वह अपर मुख्य सचिव रजनीश दूबे के निशाने पर नवंबर 2021 में ही आ गए थे। उस समय अपर मुख्य सचिव ने सहारनपुर का दौरा किया था। वह करीब तीन दिन यहां रुके थे। उन्होंने प्रतिदिन बैठकों में अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेते हुए डॉ. अनुज प्रताप सिंह को खूब फटकार लगाई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रोफेसर जैसा महत्वपूर्ण पद छोड़कर डूडा में परियोजना अधिकारी बनकर आने पर भी बैठक में सवाल उठाए थे। सहारनपुर से लखनऊ लौटने के बाद अपर मुख्य सचिव ने डॉ. अनुज प्रताप सिंह को लखनऊ तलब किया था। इसके बाद से ही डॉ. अनुज की पुराने विभाग में वापसी तय मानी जा रही थी। उनके फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर अधिकारी हैरान हैं।
फेसबुक पर हुआ था पीसीएस अधिकारी बनने का प्रचार
डॉ. अनुज प्रताप सिंह प्रतिनियुक्ति पर जब सहारनपुर आए तो उनके फेसबुक पर 20 से अधिक साथियों ने उनकी वॉल से पोस्ट शेयर की थीं। जिनमें डॉ. अनुज प्रताप सिंह को पीसीएस अधिकारी बनने की बात लिखी थी। चर्चा है कि ऐसा कराकर डॉ. अनुज प्रताप सिंह उन लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे थे, जो जानते थे कि वे संविदा पर पढ़ाते हैं तथा प्रतिनियुक्ति पर नहीं जा सकते हैं।