- जिले में वक्फ की कुल 3200 संपत्तियां, 2302 का हुआ पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में 624 वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज गुम हो गए। वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के दौरान इन संपत्तियों के मालिक दस्तावेज नहीं दिखा सके। ऐसे में इन संपत्तियों को संदेह के घेरे में रखते हुए उनका पंजीकरण निरस्त किया गया है। पांच जून के बाद इन सभी संपत्तियों को सरकारी भूमि मान लिया जाएगा।
दरअसल, जिले में वक्फ की 3200 से अधिक संपत्तियां है। इन सभी संपत्तियों के पंजीकरण का कार्य उम्मीद पोर्टल पर चल रहा है। केंद्र सरकार ने पहले पांच दिसंबर तक सभी संपत्तियों के पंजीकरण का समय दिया था। इसके बाद इसे छह माह बढ़ाते हुए पांच जून 2026 तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। मुतवल्लिय़ों को दफा-37 के आदेश की कॉपियों को जमा कराने में काफी परेशानी हो रही है। कई संपत्तियां ऐसी भी हैं जो वक्फ में तो हैं, लेकिन उनके कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यदि आपत्तियां लगी संपत्तियां अपने दस्तावेज तय समय तक पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सरकारी भूमि माना जाएगा। अभी तक 1600 से अधिक संपत्तियां पंजीकृत हो गई है। 624 में आपत्तियां लगी है। अब जब पोर्टल पर पंजीकरण में मात्र चार दिन रह गए हैं तो मुतवल्लियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- नाम, नक्शा, दफा-37 समेत अन्य दस्तावेज देने जरूरी
उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों को पंजीकृत करने के लिए मुतवल्लियों को लॉगिन कर, मोबाइल नंबर, ईमेल, नाम, नक्शा, वक्फ बोर्ड से प्राप्त दफा-37, आदेश की कॉपी, फोटो एवं आधार कार्ड अपलोड करना है। जिन संपत्तियों पर आपत्ति लगी है। उनके दस्तावेजों का मिलान बोर्ड के रिकॉर्ड से नहीं हो पा रहा है।
- कब्रिस्तान और छोटी मस्जिदें अधिक
महानगर से लेकर देहात की कई बड़ी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण हो गया है। समस्या छोटी संपत्तियों के पंजीकरण के दौरान आ रही है। कई स्थानों पर कब्रिस्तान के लिए जमीन को वक्फ कर दिया गया, लेकिन उसके कागजात या फिर नहीं बैनामा हुआ। न ही उन्हें वक्फ रजिस्टर में दर्ज कराया गया। इस तरह की संपत्तियों को अपलोड करने में अधिक दिक्कत आ रही है।
वर्जन
- जिले में 624 संपत्तियों के पंजीकरण को निरस्त किया गया है। पोर्टल पर आपत्तियां लगी संपत्तियों के निराकरण के लिए समय सीमा को बढ़ाए जाने के संबंध में वक्फ बोर्ड को पत्र भी लिखा है। आपत्तियां लगी संपत्तियों के दस्तावेज को अपलोड करने के लिए समय मिलना चाहिए।
- नईम पीरजादा, जिला कोऑर्डिनेटर उम्मीद पोर्टल