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शौचालय बने नहीं और गांव ओडीएफ घोषित

Thu, 14 Sep 2017 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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लंढोरा जुनारदार में शौचालय के बारे में जानकारी देतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वच्छ भारत मिशन अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। ऐसे कई गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, जहां आज भी कई परिवार जंगल में शौच जाने को मजबूर हैं। इन गांवों में शौचालय बनाए नहीं गए। इससे साफ है कि कागजों में ही शौचालय तैयार किए जा रहे हैं।
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जिले में अक्टूबर 2018 तक 887 गांव को ओडीएफ घोषित करना है। प्रशासन का दावा है कि खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है। शासन के अनुरूप प्रशासन अपने लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा कर लेगा।

पहले चरण में 100 गांव को ओडीएफ घोषित किया गया है। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पुवांरका ब्लॉक में जनता रोड स्थित लंढौरा जुनारदार में एक दर्जन से अधिक परिवार जंगल में शौच जाने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन की फाइलों में यह गांव ओडीएफ घोषित किया गया है। 
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गांव के निवासी राम सिंह के परिवार की महिलाओं ने बताया वह रोजाना खुले में ही शौच जाती हैं। उनके घर में शासन-प्रशासन की ओर से कोई शौचालय नहीं बनाया गया और ना ही शौचालय बनवाने के लिए कोई आर्थिक मदद की गई।

इसी गांव में अरशद, अनिल, नजीर सहित एक दर्जन से अधिक परिवारों के घर शौचालय नहीं है, जबकि प्रशासन ने लंढौरा जुनारदार गांव को ओडीएफ घोषित किया है। इसी ब्लॉक के गांव खुर्द को प्रशासन ने जनपद में सबसे पहले खुले में शौच से मुक्त करने का दावा किया। गांव में शौचालय बनाए भी गए। 

मगर अधिकतर शौचालयों पर ताले लगे हुए हैं। कारण है कि ग्रामीण खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के प्रति जागरूक नहीं है। गांव के निवासी रियासत अली
नेत्रराम  का कहना है कि रोजाना कई परिवारों के लोग जंगल में ही शौच जाते हैं। यहीं के निवासी मोहम्मद मोहजबीन का कहना है कि शौचालय तो बने हैं, लेकिन ग्रामीण जागरूक नहीं हैं। प्रशासन को गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।  

इनके अलावा मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव भूली, चिंबाबांस, गंगोह के खानपुर गुर्जर, चौपुरा, रामपुर मनिहारान के सकतपुर मुस्तफा सहित ओडीएफ घोषित किए गए गांव में कागजों में ही शौचालयों को बनाया गया है।

इससे साफ है कि स्वच्छ भारत मिशन कागजों में पूरा किया जा रहा है। जिन गांवों में शौचालय बनाए  भी गए हैं, वहां के ग्रामीणों को जागरूक नहीं किया जा रहा है। कई गांवों को पूरी तरह शौचालय बनाए बिना ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया है।   

कमीशन खोरी के चक्कर में लगे प्रधान
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार की ओर से ग्रामीणों दी जा रही आर्थिक मदद में प्रधान कमीशन ले रहे हैं। पुवांरका ब्लॉक के एक गांव के लोगों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि प्रधान कहता है कि 12 हजार रुपये शौचालय बनवाने के लिए सरकार की ओर से दिए जाएंगे। जिसमें एक हजार रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से ग्रामीणों को उसे देने होंगे। उसकी मर्जी के बिना किसी को आर्थिक मदद नहीं मिलेगी 

जिन गांव को ओडीएफ घोषित किया गया है। उनकी जांच कराई जाएगी। खामी मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
- पीके पांडेय, जिलाधिकारी  

इन गांवों को घोषित किया ओडीएफ 
देवबंद विकास खंड का गांव बास्तम, नगलीनूर, रास्तम, बेहड़ेकी मजबता, अमरपुर नैन, नूरपुर, रामुपुर, सुल्तानपुर
गंगोह का गंगोह मजबता देहात, लखनौती मुस्तफा, रंगैल, शेरमऊ, कैंडल, खालिदपुर, खानपुर गुर्जर, मनोहरा, नैनखेड़ी, सूंखेड़ी, मुबारिकपुर, चौपुरा 
मुजफ्फराबाद का भूली, मुस्तफापुर, अहुत्यापुर, चिंबाबांस, बूबका, बाहदशाहपुर, बाकरपुर, भाकरौड, चांडी, टौली, चौंदाहेड़ी मुस्तफा, पठौरी, मलकपुर, जयंतीपुर 
नानौता का जंधेरी, बरसा, दादनपुर, कमलापुर बगड़ौली, कंजौली, कातला, नन्हेड़ा खुर्द
नकुड़ का सढौली, लुंढा, लुंढी, मच्छरहेड़ी, नगला, पदम नगली, रसूलपुर, शाहपुर मजबता, सिंगाखेड़ा 
पुवांरका का आसनवाली, चंद्रौली, खुर्द, लंढौरा जुनारदार, वाजिदपुर पिकी, पाल्डी खुशहालपुर, जमालपुर, राजापुर, सलेमपुर गाड़ा, संभालका जुनारदार, लुंडाली, गदनपुरा, 
रामपुर मनिहारान का डकरावर कलां, सकतपुर, टपरी, टपरी मुस्तफा 
सढ़ौली कदीम का अंबेहटा, इस्माइलपुर, मुस्तफा, अरलमपुर बरथा, फतेहपुर, जंधेरी, मोहिउद्दीनपुर, टांडा, पंथूपुरा मुस्तफा, सरसावा सलेमपुर, सरूरपुर गाड़ा, सरसोहड़ी, आहरी, भिक्कनपुर, पहलवानपुर, पठेड मुस्तफा 
बलियाखेड़ी का चांदपुर, छपरेड़ी, फकरेड़ा, फीराहेड़ी, गडौला, पापड़ेकी रसूलपुर, परागपुर मुस्तफा, रूपड़ी गुर्जर, शेखपुरा उर्फ छांछरेकी, शरबतपुर, कुलरकी खुर्द 
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नागल का अल्हणपुर अतलाखेड़ी, बंदरजुड्डा, फतेहपुर कलां, जटौल, मनोहरपुर, रणमलपुर, सरकड़ी और सुहागनी शामिल हैं।
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