- अमर उजाला के हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी ने दिया परामर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अमर उजाला के हेलो डॉक्टर में शनिवार को जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने मोबाइल फोन पर टीबी के इलाज, लक्षण और बचाव के बारे में परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि टीबी संक्रामक बीमारी है, जो लाइलाज नहीं है। इससे बचने के लिए सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है। शुरुआती दौर में ही लक्षण दिखने के बाद इसकी सही जांच और समुचित इलाज कराना भी जरूरी है। प्रारंभिक दिनों में इस बीमारी का सही इलाज शुरू कराने से बीमारी से स्थायी निजात तो मिलती ही है, साथ ही आसानी से इस बीमारी को मात दे सकते हैं। सभी सरकारी केंद्रों पर टीबी की निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है।
सवाल : वायरल बुखार हुआ था। इसके बाद से खांसी की शिकायत है। (अमित कुमार सिंह, हथिनीकुंड बैराज)
जवाब : इन दिनों मौसम बदल रहा है। चार से पांच दिन तक बुखार रहता है। थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंडी चीजों से परहेज करें। गर्म पानी के गरारे करें।
सवाल : कई दिनों से बुखार है। खांसी के साथ खून भी आया है। (मिर्जा गालिब हुसैन, लखनौती)
जवाब : यह फेफड़ों में इंफेक्शन की वजह से हो सकता है। सबसे पहले जांच कराएं। इसके साथ ही चेस्ट का एक्सरे और बलगम की जांच कराएं। ब्लड की भी जांच कराइए।
सवाल : ज्यादा दूर तक चलने पर थकान होती है। खांसी भी है। (रविंद्र सिंह, बड़गांव)
जवाब : दवा खाने से पहले जांच अवश्य कराएं। खांसी दो सप्ताह से ज्यादा है तो बलगम की जांच कराइए। जांच के आधार पर इलाज शुरू करें।
सवाल : मेरी माता की उम्र 65 साल है। बुखार हुआ था। खांसी नहीं जा रही है। पैरों में सूजन भी है। (पंकज, बड़गांव)
जवाब : ब्लड, गुर्दा और बलगम की जांच कराएं। जांच रिपोर्ट में ही पता चलेगा कि टीबी है या नहीं। इसके बाद दवा शुरू होगी।
सवाल : 10-15 दिन से धसके वाली खांसी हो रही है। (प्रवीण, कालू माजरा)
जवाब : यह सामान्य खांसी है, जो तीन से चार दिन में ठीक हो जाएगी। अगर लगातार खांसी नहीं जा रही है तो चेस्ट का एक्सरे व बलगम की जांच कराएं।
सवाल : एक सप्ताह से बुखार और खांसी हो रही है। उल्टी भी होती है। (अभिनव, छुटमलपुर)
जवाब : यह सीजन का वायरल बुखार है। खट्टी चीजें जैसे दही, छाछ और मौसमी के खाने से बचें। गर्म पानी के गरारे करें। अभी टीबी जांच की जरूरत नहीं है।
सवाल : कई दिनों से खांसी की शिकायत है। (दुष्यंत पांचाल, बड़गांव)
जवाब : यह एलर्जिक है। ऐसे में खट्टी चीजों का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। धूल, धुआं से बचाव करें। काफी दिक्कत हो तो जांच कराकर दवा शुरू करें।
सवाल : मेरा बेटा आठ साल का है। खांसी रहती है। (बलराज सिंह, हकीकत नगर)
जवाब : बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। बाहर की चीजें जैसे फास्टफूड खाने न दें। दाल-रोटी खिलाएं। फल भी दे सकते हैं। धूल, धुआं और खट्टी चीजों से परहेज करें। इसके बाद भी आराम न मिले तो जांच जरूर कराएं।
सवाल : पैरों के तलवों में दर्द रहता है। (मलकित सिंह चौहान, अंबेहटा चांद)
जवाब : शुगर की जांच कराएं। यह नसों में खिंचाव की वजह से हो सकता है। चारपाई के बजाय तख्त पर सोएं। तकिया पतला रखें।
सवाल : बलगम वाली खांसी है। सालभर हो गया। (प्रवीण कुमार बंसल, रायवाला सहारनपुर)
जवाब : इसमें सबसे पहले चेस्ट का एक्सरे, ब्लड और बलगम की जांच कराएं। तभी पता चलेगा कि किस वजह से खांसी है।