- एपीआई की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी में विशेषज्ञों ने बचाव के बताए उपाय
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी में देहरादून से आए विशेषज्ञों ने हृदय रोग और डायबिटीज से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि मधुमेह मरीजों में हृदय रोग का खतरा अधिक रहता है। ऐसे मरीजों को अपनी शुगर नियंत्रित रखने के साथ ही हृदय संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अंबाला रोड स्थित होटल के सभागार में आयोजित मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल जैन ने कहा कि भारत में कुल मौतों में करीब 13.6 प्रतिशत मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं। डायबिटीज के मरीज को यदि हार्ट अटैक हो जाए तो उसमें मृत्यु का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में हृदय रोग के इलाज में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करनी चाहिए। वरिष्ठ हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. निहित खरकवाल ने कहा कि डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से अपनी शुगर की जांच कराते हुए उसे नियंत्रित रखना चाहिए।
एपीआई अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद ने कहा कि हृदय रोगियों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस मौके पर सचिव डॉ. विकास अग्रवाल, वैज्ञानिक सचिव डॉ. सौम्या जैन, डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. मोहन पांडेय, डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. डीके तिवारी, डॉ. अंकुर उपाध्याय, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. अजय कुमार जैन, डॉ. प्रवीण मित्तल आदि रहे।