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मंडलायुक्त साहब, निगम को पहुंचाया जा रहा 3.5 करोड़ का नुकसान

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सहारनपुर। लीकेज मरम्मत के टेंडर के मामले में पार्षदों ने एक बार फिर मंडलायुक्त लोकेश एम. को शिकायती पत्र सौंपते हुए जांच की मांग की है। आरोप है कि ठेकेदारों के साथ कर्मचारियों की मिलीभगत से नगर निगम को करीब 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पार्षदों ने यह शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी की है।
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मंडलायुक्त से शिकायत करने पहुंचे पार्षद मंसूर बदर और अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि लीकेज मरम्मत के टेंडर में प्रतिदिन शर्तें बदली जा रही हैं। पूरे महानगर के लिए एल-1 यानी एक ठेकेदार को ही पूरे महानगर के लीकेज का कार्य करना था, लेकिन कर्मचारियों ने मिलीभगत कर दो ठेकेदारों के समान दर करने और मिलीभगत से पांच प्रतिशत से कम टेंडर डालने से नगर निगम को यह नुकसान पहुंच रहा है। मामले की शिकायत नगर निगम बोर्ड की बैठक, महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह से भी की जा चुकी है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं आ रहा है। बीते ढाई साल में 44 प्रतिशत कम की दर से लीकेज मरम्मत के टेंडर चल रहा है, जो इस बार टेंडर का रेट पांच फीसदी से भी कम आया है। यदि इस टेंडर पर प्रतिस्पर्धा होती तो यह टेंडर पूर्व की दर यानी 44 फीसदी भी आ सकता था, जिससे नगर निगम को 3.5 करोड़ रुपये की बचत होती और ठेकेदारों को 3.5 करोड़ पीजी यानी परफार्म गारंटी के तौर पर निगम में बंधक होते। उन्होंने टेंडर को तुरंत निरस्त कराने तथा बीते ढाई साल के लीकेज मरम्मत का भौतिक सत्यापन कराने की मांग मंडलायुक्त से की। मिलने वालों में पार्षद शहजाद मलिक, सईद सिद्दीकी, डॉ. अहसान आदि शामिल रहे।
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