सहारनपुर में मौसम में आ रहा बदलाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। सुबह और रात में हल्की ठंड बनी रहती है, तो दिन में तापमान में वृद्धि से गर्मी बढ़ गई है। इस कारण बुखार, नजला-जुकाम, खांसी और गला खराब होने के मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। आलम यह है कि जिला अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में बीते 20 घंटे के दौरान ही 200 से अधिक मरीज बुखार के भर्ती हुए हैं।
मौसम के बदलाव और मच्छरों के प्रकोप की वजह से हो रही बीमारियों के कारण कई दिन से फिजीशियन की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लग रही हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सीएचसी और पीएचसी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज बुखार, नजला-जुकाम, खांसी आदि के पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीज की संख्या इससे अलग है।
एसबीडी जिला अस्पताल के वार्डों में इन दिनों बेड खाली नहीं मिल रहा है। एक बेड पर दो-दो मरीज हैं। भर्ती मरीजों में सबसे अधिक संख्या बुखार के मरीजों की है। अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर कुनाल जैन ने बताया कि रविवार की रात उनकी ड्यूटी थी। रात में बुखार के करीब 200 मरीज पहुंचे, जिनमें से 111 मरीजों को भर्ती किया गया। सोमवार की सुबह उनकी ड्यूटी ओपीडी में रही।
सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक सौ से अधिक बुखार के मरीजों को भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि बीते कई दिन से फिजीशियन की ओपीडी में 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं। ज्यादातर को बुखार, उल्टी, गले में खराश, खांसी और जुकाम की शिकायत है। डॉक्टर जैन ने बीमारियां बढ़ने की वजह मौसम में बदलाव को माना है, क्योंकि बुखार के मरीजों में ज्यादातर को वायरल बुखार है।
चूंकि मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ा हुआ है। ऐसे में मलेरिया के भी मामले सामने आने लगे हैं। निजी डॉक्टरों की ओपीडी में भी ऐसे ही हालात हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तथा जनपद की सभी सीएचसी और पीएचसी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज बुखार, खांसी, उल्टी और जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
साफ पानी में अंडे देती है मादा मच्छर
डॉक्टर शिवांका गौड़ ने बताया कि डेंगू रोग को फैलाने वाला मच्छर शहरी व अर्ध शहरी आबादी वाले मकानों में ज्यादा पाया जाता है। नालियों में ये मच्छर नहीं रहता। मादा मच्छर घरों में साफ पानी में अंडे देती है। घरों के अंदर ये पानी कूलर छत पर खुली टंकियों, टीन के खाली डिब्बे, पुराने टायर, गमले, खाली बोतलों, मनी प्लांट के गमले आदि में जहां पर पानी अस्थाई रूप से एकत्रित रहता है, वहीं पर प्रजनन कर अपनी संख्या बढ़ाती है।
लार्वा मिला तो लगेगा जुर्माना
डॉक्टर शिवांका गौड़ ने बताया कि क्षेत्र में किसी घर व सरकारी जगह पर पानी रुका हुआ पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा। लार्वा पाए जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि देहात में आशा और आशा संगिनियां घर-घर जाकर गमलों, खाली पड़े टायरों, डिब्बों में लार्वा का खात्मा कराएंगी।
मच्छरों के प्रकोप और बुखार से बचाव के तरीके
- आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, पेस्ट्री और ठंडी चीजें खाने से बचें।
-- चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी किया
- कूलर का पानी हर दो दिन में बदलते रहें, कूलर के पानी में मिट्टी के तेल का छिड़काव करें।
- कूलर और एसी को चलाने से पहले अच्छे से साफ करा लें।
- घरों और आसपास पानी जमा न होनेे दें।
- छतों और आंगन में रखे खाली डिब्बों, गमलों, पुराने टायरों आदि में पानी जमा न होने दें।
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या अन्य उपाय करें।
- पूरी बाजू की कमीज और फुल पैंट या पायजामा पहनें।
- बुखार की शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर शिवांका गौड़ ने बताया कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया आदि की रोकथाम के लिए विभाग ने अलर्ट जारी किया है। आशा और आशा संगिनियों की टीमें घर-घर जाकर लोगों को मच्छरों से बचने के लिए जागरूक कर रही हैं। एंटी लार्वा का छिड़काव शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। लोगों को चाहिए कि वह बुखार की शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं और इलाज कराएं।