देवबंद इजलास में रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में लगे बाहर से आए मौलाना।
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सहारनपुर के देवबंद के दारुल उलूम में हुई राब्ता-ए-मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया की पहले चरण की बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से तालीमी रिपोर्ट पेश करने के साथ ही मजलिस-ए-शूरा की पूर्व की कार्रवाई की समीक्षा की गई।
रविवार को प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में सुबह नौ बजे आयोजित हुई राब्ता-ए-मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया की मजलिस-ए-आमला (वर्किंग कमेटी) की बैठक में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी, मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना अनवारुलहक बिजनौरी, मौलाना इब्राहीम कासमी, मौलाना अब्दुल कादरी, मुफ्ती जहीर अनवर बस्तवी, मौलाना मुमताज हिमाचल, मुफ्ती अहमद गुजरात, मौलाना मुफ्ती सईद अहमद पालमपुरी समेत देश के कोने कोने से आए प्रमुख उलमा ने शिरकत की।
बैठक में शिक्षा विभाग के प्रभारी की ओर से तालीमी रिपोर्ट पेश की गई। जिस पर चर्चा करने के बाद सदस्यों ने संतुष्टि जताई। इसके साथ ही पूर्व में हुई संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक की कार्रवाई की समीक्षा की गई।
जिस पर विचार विमर्श के बाद सहमति जताई गई। इसके अलावा मदरसा के निजाम, छात्रों के रहन सहन और शिक्षा प्रणाली को और बेहतर कैसे बनाया जाए इस पर भी गंभीरता से विचार किया गया। इजलास से संबंधित रिपोर्ट भी पेश की गई जिस पर सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से संतुष्टि जताई। बाहर से आए उलमा-ए-किराम ने अलग अलग प्रस्ताव भी रखे। जिन पर सोमवार (आज) होने वाली आम सभा में सहमति के बाद मुहर लगाई जाएगी।