फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोशल मीडिया के जमाने में डिजिटल हुआ प्रचार

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना काल और सोशल मीडिया के जमाने में चुनाव के प्रचार का स्वरूप बदल गया। राजनीतिक दल वर्चुअल रूप से प्रचार करने में जुटे हैं। ऐसे में कम खर्च में ज्यादा प्रचार हो रहा है, लेकिन प्रचार सामग्री तैयार करने वाले कारोबारियों के व्यापार पर इसका असर पड़ा है।
विज्ञापन

सोशल मीडिया के जरिए प्रचार करने के लिए भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा, सहित निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अलग-अलग रणनीति बनाई है। भाजपा ने वार रूम तैयार किए हैं, जो क्षेत्रीय कार्यालय से संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा ने जनपद के करीब 2800 बूथों पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। सातों विधानसभा सीटों पर फेसबुक, इंस्टाग्राम पेज और ट्विटर एकाउंट भी बनाए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया सेल के बूथ, सेक्टर, वार्डों, मंडल, महानगर, विधानसभा, जिला स्तर पर संयोजक नियुक्त किए, जो पार्टी की ओर से तैयार, वीडियो स्लोगन, ऑडियो और वीडियो को शेयर कर मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं।
शार्ट फिल्म के जरिए मतदाताओं को साध रही कांग्रेस
कांग्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए प्रचार करने के लिए शार्ट फिल्म भी बनाई है, जिनमें भाजपा, सपा, बसपा सरकारों की असफलताओं के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस द्वारा किए गए वायदों का गुणगान किया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर प्रत्येक बूथ पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, साथ ही सेक्टरों, वार्डों, ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों के वार्ड, महानगर, प्रत्येक विधानसभा सीटों वर्चुअल रैलियों की तैैयारियां शुरू कर दी है, जिनको राहुल गांधी और प्रियंका गांधी संबोधित करेंगी।
विज्ञापन

सपा और बसपा भी हो रही आक्रामक
समाजवादी पार्टी भी सोशल मीडिया पर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। सपा ने भी बूथ, वार्ड, सेक्टर, विधानसभा, महानगर स्तर, जिला स्तर और अलग-अलग प्रकोष्ठों के सोशल मीडिया एकाउंट बनाए हैं, जिनके जरिए पार्टी की नीतियों का प्रचार किया जा रहा है, साथ ही समर्थकों में सोशल मीडिया वार-पलटवार की जंग भी छिड़ी है। इसी तरह बसपा भी सोशल मीडिया सक्रिय हो गई है।
कारोबार पर पड़ गया फर्क
सोशल मीडिया पर प्रचार होने से प्रचार सामग्री तैयार करने वाले कारोबारियों के व्यापार पर फर्क पड़ा है। अंबाला रोड के कारोबारी नवेद सिद्दीकी, मोहम्मद अरशद बताते हैं कि पूर्व के चुनाव तक एडवांस बुकिंग पैंफलेट, पोस्टर, फ्लैक्स तैयार किए जाते थे। एक अनुमान के मुताबिक जिले भर में 15 से 20 करोड़ का कारोबार होता था, लेकिन इस बार व्यापार न के बराबर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें