आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया कि मंजीत उर्फ निप्पल के पिता मैनपाल सीआरपीएफ में अनुसूचित जाति के कागजात लगाकर भर्ती हुए थे, जबकि इसकी वास्तविक जाति गुर्जर है। इस बात की जानकारी देवराज हो गई थी। देवराज ने मैनपाल की शिकायत सीआरपीएफ के अधिकारियों से कर दी थी।
मंजीत को आशंका थी कि देवराज की शिकायत के कारण पिता मैनपाल की नौकरी जाने के कगार पर है फंड और पेंशन के रुपये भी नहीं मिलेंगे। जिस पर मैनपाल के परिजनों ने देवराज की खुशामद की थी लेकिन वह शिकायत से पीछे नहीं हटा। जिस पर मैनपाल को हटा दिया गया था।
इसी से क्षुब्ध होकर मंजीत ने अपने दोस्त मंजीत, अंकित के साथ मिलकर देवराज की हत्या का प्लान तैयार किया और गढ़ीश्याम-गंगरू मार्ग पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और मौके से भाग गए। मंजीत ने खुद गोली मारी थी। मंजीत पुत्र नेत्रपाल कांधला थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जिस पर 9 मामले दर्ज है।
यह है मामला
गांव गढ़ीश्याम निवासी देवराज गंगेरू के पशु अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। रविवार की देर शाम देवराज अपने गावं से दूध व उपले लेकर बाइक पर सवार होकर गंगेरू अस्पताल में अपने आवास पर जा रहा था।
रास्ते में बाइक सवार तीनों आरोपियों ने देवराज को तमंचे से सिर से सटाकर गोली मार दी थी। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक की पत्नी सोनिया की तहरीर पर तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।