सहारनपुर। केंद्र सरकार ने देश को 2025 तक टीबी से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन जनपद में टीबी के मरीजों की स्थिति पर नजर डालें तो अगले तीन साल में टीबी का खात्मा होता मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन नजर आ रहा है। ऐसे में टीबी के खात्मे के लिए विभाग समय-समय पर अभियान चलाता रहा है। अब विभाग आजादी के अमृत महोत्सव आइकोनिक वीक ऑफ हेल्थ अभियान शुरू करने जा रहा है, जिसमें टीबी को हराने के लिए विभाग धर्म गुरुओं का सहारा लेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रणधीर सिंह ने बताया कि जनपद के लगभग सभी स्कूल और कॉलेजों के छात्रों, मदरसों के तलबा, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस के स्वयं सेवियों को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि हमारी नई पीढ़ी तो जागरूक बनेगी ही, साथ ही वह अपने परिजनों और आस पास के लोगों को भी टीबी के प्रति जागरूक कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आठ जनवरी को टीबी सैनिटोरियम में एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी धर्म गुरुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। विभाग धर्म गुरुओं से सहयोग लेकर लोगों को टीबी से बचाव तथा टीबी होने की स्थिति में इलाज के लिए जागरूक करेगा। उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त है। ऐसे में मरीजों को बिना कोई देर किए इलाज कराना चाहिए और इलाज बीच में नहीं छोड़ना चाहिए।
जिले में टीबी रोगियों की संख्या
जनपद में वर्तमान में टीबी के करीब 5,000 मरीज हैं। इनमें सामान्य टीबी के मरीजों की संख्या 4,650 है, जबकि शेष 350 मरीज एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी के हैं। इन सभी रोगियों को विभाग की ओर से टीबी की दवा मुफ्त दी जा रही है।